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बाजार में लगा गिरावट का पंच, 35 हजार के नीचे आया सेंसेक्स

सेंसेक्स 310 अंक गिरकर 34,757 पर बंद
निफ्टी 94.5 अंक उतरकर 10,667 पर बंद

मुंबई, (ईएमएस)। 2018-19 का आम बजट सर्वेक्षण के पेश होने के एक दिन बाद बीते मंगलवार से घरेलू शेयर बाजारों में जारी गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही है। पांच कारोबारी सत्रों में 35 से 36 हजार अंकों पर पहुंचा सेंसेक्स महज दो सत्रों में वापस 35 हजार के नीचे आ गया। वित्त मंत्री जेटली द्वारा आम बजट में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर (लोंग टर्म केपिटल गेन) कर लगाने की वजह से घरेलू संस्थागतों द्वारा शेयरों में की जा रही भारी बिकबाली के चलते घरेलू बाजार में जारी गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच स्थानीय स्तर पर बैकिंग शेयरों में जारी मुनाफावसूली के चलते
सोमवार को कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 310 अंकों की गिरावट के साथ 35 हजार के मनौवेज्ञानिक स्तर से नीचे उतरकर 34,757 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 94.05 अंकों की गिरावट के साथ 10,667 पर बंद हुआ। सोमवार के कारोबार में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 15 अंकों की गिरावट के साथ 16,560 पर बंद हुआ जबकि स्मॉलकैप 66 अंकों की गिरावट के साथ 17,782 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स सुबह 348 अंकों की गिरावट के साथ 34,719 पर खुला। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,874 के ऊपरी और 34,521 के निचले स्तर को छुआ। इसी तरह निफ्टी सुबह 156 अंकों की गिरावट के साथ 11,019 पर खुला। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,703 के ऊपरी और 10,587 के निचले स्तर को छुआ।
शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को 950 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 508.78 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा शेयरों की खरीद फरोख्त पर एलटीसीजी टैक्स लगाने और ग्लोबल मार्केट में छायी कमजोरी का असर देखने को मिला। बाजार में कारोबार शुरू होते ही ट्रेडरों और निवेशकों ने लंबे समय के लिए रखे शेयरों को धड़ाधड़ बेचना शुरू कर दिया। ऐसे सभी निवेशक 1 अप्रैल, 2018 से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लागू होने से पहले अपने शेयरों की बिकवाली में लगे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक निवेशकों ने रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा से पहले सतर्कता का रुख अपनाया हुआ है। उनका मानना है कि मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ती चिंता की वजह से केंद्रीय बैंक रेपो दर बढ़ा सकता है।
सोमवार के के कारोबार में एचडीएफसी, एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, अदानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज ऑटो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर लुढ़क कर बंद हुए वहीं भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स डीवीआर, एचपीसीएल, बॉश, पावर ग्रिड, बीएचईएल और आईटीसी जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर बढ़कर बंद हुए हैं।

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