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गुजरात में भाजपा विरोधी नेताओं को अपने पाले में लाने में जुटी कांग्रेस

हार्दिक पटेल, जिग्नेश, अल्पेश पर डोरे डाल रही कांग्रेस

अहमदाबाद (ईएमएस)। हाल में हुए गुजरात राज्यसभा चुनाव में भाजपा की किलेबंदी को तोड़कर जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस पार्टी में मानो नई ऊर्जा का संचार हो गया हो। इसके कारण ही आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारी शुरु कर दी है। गुजरात में कांग्रेस अपनी पार्टी के कील कांटे दुरुस्त करने के बाद अब नए सिरे से घेरेबंदी में जुट गई है। इस रणनीति के तहत कांग्रेस भाजपा के विरोधी नेताओं को अपने पाले में लाने की तैयारी में जुट गई है। इसकारण गुजरात की सियासत में तीन नौजवान इस वक़्त पार्टी को अहम नज़र आ रहे हैं,जिन्हें साधने की कोशिश की जा रही है। पार्टी को लगता है कि, जहां तक हो सके बीजेपी विरोध के वोट को वो इकट्ठा कर सके। जिसका फायदा कांग्रेस को पहले विधानसभा और फिर लोकसभा में मिलेगा।

गुजरात में कांग्रेस इन भाजपा विरोधी चेहरों को सबसे पहले कांग्रेस की उम्मीद पाटीदारों के बड़े चेहरे हार्दिक पटेल हैं। हार्दिक अभी 25 साल से कम उम्र के हैं और चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन वो पाटीदार समाज के बड़े हिस्से को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इसलिए पार्टी ने अंदरखाने हार्दिक से बातचीत शुरू कर दी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हार्दिक के साथ शुरुआती बातचीत सफल रही है और सब कुछ इसी तरह चला तो चुनाव में हार्दिक कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की अपील कर सकते हैं। इसके बदले में कांग्रेस पाटीदारों को आरक्षण पर ठोस आश्वासन दे सकती है, इसके साथ ही कांग्रेस हार्दिक के कुछ करीबियों को टिकट भी दे सकती है। इसके बाद कांग्रेस की नजर दूसरे चेहरे के रुप में दलित समाज से आने वाले जिग्नेश पर लगी हुई है। पार्टी लगातार जिग्नेश के भी संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिग्नेश ने बीजेपी विरोध का झंडा तो बुलंद कर रखा है, लेकिन कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने से भी इंकार कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस की कोशिश है कि, जिग्नेश जहां से चुनाव लड़े पार्टी उनको समर्थन दे दे और बदले में जिग्नेश बीजेपी विरोध की आवाज़ बुलंद रखें। सूत्रों की मानें, जिग्नेश से भी कुछ सीटों पर कांग्रेस की बातचीत सकारात्मक दिशा में है। हालांकि, पार्टी को लगता है कि,जिग्नेश का प्रभाव क्षेत्र हार्दिक जैसा बड़ा नहीं है। गुजरात चुनाव में कांग्रेस की तीसरी और अंतिम उम्मीद अल्पेश पर आकर रुक जाती है। अल्पेश ठाकोर समाज से आते हैं। पार्टी अल्पेश से भी संपर्क कर रही है। अल्पेश का प्रभाव क्षेत्र भी सीमित है,लेकिन कांग्रेस उनके भी अपने पाले में लाना चाहती है,लेकिन अभी तक उसका अल्पेश के मामले में सफलता नहीं मिल पाई है।

दरअसल,राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल को जीतने के बाद कांग्रेस को लगाने लगा हैं कि वहां गुजरात में कुछ दम दिखा सकती है।वहीं शंकर सिंह वाघेला के जाने के बाद अब वो खुलकर अपनी रणनीति बना रही है। इसके साथ ही गुजरात कांग्रेस ने आलाकमान को बता दिया है कि,एनसीपी अब बीजेपी की बी टीम की तरह काम कर रही है, राज्यसभा चुनाव में भी उसने धोखा दिया। ऐसे में एनसीपी के ज़रिए बीजेपी सिर्फ कांग्रेस का नुकसान ही चाहेगी। इसलिए कांग्रेस को बिना एनसीपी नई रणनीति के साथ गुजरात चुनाव में उतरना चाहिए। इसके लिए ही कांग्रेस इन तीन भाजपा विरोधी चेहरों को अपने पाले में आने की फिराक में जुट गई है। इसके साथ ही गुजरात में 18-35 साल के युवाओं ने कांग्रेस का शासन नहीं देखा,इसलिए इन तीन युवाओं के ज़रिये कांग्रेस गुजरात के युवाओं को अपनी ओर मोड़ना चाहती है। इसलिए कांग्रेस अब अपनी इस रणनीति को अंजाम तक पहुंचाने में जोर शोर से लगी है। वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल अपने विरोधी नेताओं को यह दिखाना चाहते है कि गुजरात में अभी भी उनकी पैठ मौजूद है।

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