Widgetized Section

Go to Admin » Appearance » Widgets » and move Gabfire Widget: Social into that MastheadOverlay zone

रस्मों का धागा तोड़ रथ पर सवार हो वर के घर पहुंची गार्गी

जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान के झुंझुनू जिले स्थित चिरावा कस्बे में एक दुल्हन रथ पर सवार होकर अपनी शादी से पहले होने वाली रस्मों को पूरा करने पहुंची, तो स्वाभाविक रूप से देखने वालों की भीड़ लग गई। दुल्हन बनीं गार्गी कोई साधारण ग्रामीण लड़की नहीं हैं। वह ब्रिटेन से एमबीए करके स्वदेश वापस लौटी हैं। पढ़ी लिखी हैं इस लिए परंपराएं तोड़ना उनका जुनून बन गया है। शादी से पहले होने वाली रस्म बिंदोरी में वर, घोड़े पर सवार हो कर वधू के घर तक जाता है। लेकिन गार्गी ने इस परंपरा तो तोड़ते हुए स्वयं घोड़े की सवारी करने का निर्णय लिया।
दरअसल यह उनकी सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। ऐसा करने के पीछे गार्गी का लक्ष्य लोगों की रुढ़िवादी सोच को टक्कर देना है। गार्गी लोगों का माइंडसेट बदलने के साथ ही लड़का-लड़की बराबर है का संदेश देना चाहती हैं। गार्गी झुंझुनू के सांसद संतोष अहलावत की बेटी हैं। उन्हें अपने मकसद में थोड़ी कामयाबी भी मिली है। गार्गी ने बताया ग्रामीण इलाकों में लोग टीवी शो या अखबारों में पढ़ने के बजाय ऐक्शन से ज्यादा प्रभावित होते हैं। मेरी मां बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए अभियान चला रही हैं। एक सांसद की बेटी अगर ऐक्शन ले रही है तो जरूर इससे सोसायटी में बदलाव आ सकता है। एक लड़की का घोड़े की सवारी करना को जल्द ही दूसरे लोग भी फॉलो करने लगेंगे। गार्गी की इस मुहिम पर लोगों का असर भी दिखाई दिया। समारोह और इलाके में मौजूद ज्यादातर लोग गार्गी से प्रभावित दिखे।
बिंदोरी उत्तर भारत की प्रसिद्ध प्रीवेडिंग रस्म बिंदोली से थोड़ी अलग है। इस रस्म में दूल्हा दुल्हन के संबंधियों को दावत में आमंत्रित किया जाता है। इसलिए दूल्हा, लड़की के घर तक घोड़े की सवारी करके हुए आता है। गार्गी ने इस रस्म को बदलते हुए खुद ही रथ पर सवार होना पसंद किया। उनका विवाह राजस्थान के उदयपुर में आठ फरवरी को होना है।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.