सूरत बीआरटीएस रूट पर निजी वाहनों की नो-एंट्री
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, उल्लंघन पर सीधे मिलेगा ई-चालान
सूरत। शहर के बीआरटीएस मार्ग पर निजी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती बरती जाएगी। अब इस रूट पर अवैध रूप से वाहन चलाने वालों की पहचान सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी और नियम तोड़ने वालों को सीधे ई-चालान भेजा जाएगा। इस नई व्यवस्था को उधना दरवाजा से सचिन तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
बीआरटीएस कॉरिडोर में केवल बीआरटीएस बसों और आपातकालीन सेवा वाहनों को चलने की अनुमति होगी। यदि कोई निजी वाहन इस रूट में प्रवेश करता है, तो सीसीटीवी कैमरे उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर लेंगे और वाहन मालिक के पते पर ई-चालान भेज दिया जाएगा।
परिवहन विभाग के अध्यक्ष सोमनाथ मराठे ने बताया कि बीआरटीएस मार्ग को अवैध वाहनों से बचाने के लिए 4 करोड़ रुपये की लागत से 276 स्विंग गेट लगाए गए थे, लेकिन इनमें से 75% गेट अब काम नहीं कर रहे। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार टेक्नोग्रेट एजेंसी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
बीआरटीएस रूट पर निगरानी के लिए लगाए गए कैमरे निजी वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और तुरंत ई-चालान जारी करेंगे। अब किसी भी निजी वाहन को इस मार्ग में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी और नियमों का उल्लंघन करने पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने साफ किया है कि बीआरटीएस कॉरिडोर पर अब और सख्ती बरती जाएगी, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।