राजकोट : कुख्यात माजिद की कोर्ट ने गुजसिटोक की जमानत रद्द की

दो कांस्टेबलों पर किया था हमला, पुलिस ने अवैध कमरा भी गिराया

राजकोट : कुख्यात माजिद की कोर्ट ने गुजसिटोक की जमानत रद्द की

राजकोट शहर के प्रतापनगर पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले कुख्यात माजिद उर्फ ​​माजलो रफीक भानु (उम्र 24, निवासी- हुडको क्वार्टर, जामनगर रोड) की गुजसीटोक की जमानत कोर्ट ने रद्द कर दी है। माजिद और उसके साथियों ने रुखडियापरा में एक महिला के घर पर सोडा की बोतलों से हमला किया था। जब प्रतापनगर पुलिस को इसकी जानकारी मिली, तो दो कांस्टेबल उसे गिरफ्तार करने पहुंचे। लेकिन माजिद और उसके गुर्गों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर उन्हें भगा दिया। इतना ही नहीं, सरकारी बाइक में तोड़फोड़ कर पुलिस को खुली चुनौती दी।  

घटना के डेढ़ महीने बाद एसओजी ने माजिद को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गृह विभाग के निर्देशों के तहत नगर निगम की मदद से हुडको क्वार्टर में उसके अवैध कमरे को बुलडोजर से ढहा दिया गया।  

हाल में माजिद गुजसीटोक में जेल में बंद होने से कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है। जिससे प्रतापनगर पुलिस ने उसकी जमानत रद्द करने की अर्जी कोर्ट में दी थी। सरकारी वकील तुषार गोकानी ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर समाज में भय फैला सकता 
है। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने उसकी जमानत रद्द कर दी।  

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजकोट और वडोदरा में माजिद पर हमले, मारपीट और धमकी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल वह जेल में बंद है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

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