वडोदरा : रुशिक पटेल का 'पेपरटॉक्स' बच्चों के लिए एक अनोखा स्क्रीन-मुक्त स्टोरीटेलिंग डिवाइस
रुशिक पटेल का यह इनोवेशन शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में ला सकता है एक क्रांतिकारी बदलाव
डिजिटल युग में जहां बच्चे मोबाइल, टैबलेट और टीवी स्क्रीन के आदी होते जा रहे हैं, वहीं वडोदरा के युवा कंप्यूटर इंजीनियर रुशिक पटेल ने एक इंटरैक्टिव और स्क्रीन-मुक्त स्टोरीटेलिंग डिवाइस 'पेपरटॉक्स' विकसित किया है। यह 2 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया अभिनव उपकरण है, जो मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा को भी बढ़ावा देता है।
'पेपरटॉक्स' का मुख्य उद्देश्य बच्चों को डिजिटल उपकरणों की लत से बचाकर ज्ञान और कल्पना की दुनिया से जोड़ना है। यह इंटरएक्टिव पेज, बैकग्राउंड पब्लिशिंग और वॉयस-ओवर क्षमताओं के माध्यम से बच्चों को आकर्षित करता है। स्कूल पाठ्यक्रम की अवधारणाओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने के साथ-साथ यह कहानियों के माध्यम से नैतिक मूल्यों और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।
रुशिक पटेल, जो एक कॉमिक्स लेखक और कहानीकार भी हैं, ने बताया कि उन्होंने पहले एक किताब लिखने की योजना बनाई थी। लेकिन बाजार में तीव्र प्रतिस्पर्धा और डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कुछ नया करने का निर्णय लिया। रुशिक पटेल बताते हैं,"इस डिवाइस का विचार मेरे चार वर्षीय बेटे मिवान से प्रेरित था। मैंने देखा कि बच्चे मोबाइल फोन पर वीडियो देखने में घंटों बिताते हैं, लेकिन बातचीत और सीखने के लिए उनके पास ठोस विकल्प नहीं होते। इसलिए, मैंने ऐसा कुछ बनाने का सोचा, जो बच्चों को स्क्रीन के बिना भी आकर्षित कर सके।
इस उपकरण को विकसित करने में एक साल का समय लगा। 2024 में विचार अंकुरित हुआ और छह महीनों की कड़ी मेहनत के बाद एक प्रोटोटाइप तैयार किया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में गांधीनगर में आयोजित जीपीबीएस तकनीकी कार्यक्रम में इसे लॉन्च किया गया, जहां इसे बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। 2025 के शैक्षणिक वर्ष में 'पेपरटॉक्स' को सरकारी आंगनवाड़ियों और प्राथमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा। इसके बाद, इसे निजी शिक्षण संस्थानों तक विस्तारित किया जाएगा।
अभी यह डिवाइस अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही गुजराती और अन्य भाषाओं में भी लॉन्च किया जाएगा। माता-पिता मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने बच्चों की रुचियों को ट्रैक कर सकेंगे और अतिरिक्त शैक्षिक सामग्री खरीद सकेंगे। पहले चरण में 1,000 यूनिट्स ऑनलाइन और स्कूलों में पेश करने की योजना है।
रुशिक ने बताया कि इस परियोजना के लिए उन्हें एसएसआईपी से एक लाख रुपये का अनुदान मिला है और भविष्य में सरकार से और अधिक सहायता की उम्मीद है। 'पेपरटॉक्स' एक IoT-सक्षम डिवाइस है, जिसे मोबाइल ऐप से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, इसकी पेटेंट प्रक्रिया भी जारी है। 'पेपरटॉक्स' सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि एक खूबसूरत सपना है, जो बचपन को स्क्रीन से मुक्त करके ज्ञान और रचनात्मकता के मार्ग पर ले जाने का प्रयास कर रहा है। रुशिक पटेल का यह इनोवेशन शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।