राजकोट : पोक्सो कोर्ट ने बेटी से बलात्कार के दोषी क्रूर पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई
राजकोट में अपनी बेटी को हवस का शिकार बनाकर गर्भवती करने वाले एक नराधम पिता को पीओसी (पोक्सो) कोर्ट के न्यायाधीश वी.ए. राणा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इस मामले का विवरण यह है कि आरोपी रिक्शा चालक अपनी बेटी को बचपन से ही अकेले में डरा-धमकाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। फिर, जब बेटी 13 साल की हुई तो उसके साथ पहली बार बलात्कार किया था।
यह सिलसिला शिकायत दर्ज होने तक चलता रहा। पीड़िता, जो नाबालिग थी, वयस्क हो गई थी। इसके बावजूद वह डर के कारण किसी को कुछ नहीं बता पाई। जिस समय शिकायत दर्ज की गई, उसी समय उसका गर्भपात कराये जाने से उसका भांडा फूट गया। आखिरकार हिम्मत जुटाकर पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले के दौरान पीड़ित और उसकी मां का डीएनए परीक्षण करने वाले अधिकारी आदि की गवाही ली गई। इस तरह आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत रिकार्ड पर आ गए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों और तर्कों की जांच के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
अदालत ने माना कि आईपीसी की धारा 376 (3) और पोक्सो अधिनियम के तहत अपराध साबित हुआ। इतना ही नहीं आरोपी को 18,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा, पीड़िता को गुजरात मुआवजा योजना के तहत पीड़ित को 700,000 रुपये मुआवजा प्रदान किए जाएंगे। इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से एपीपी महेशभाई जोशी शामिल थे।