ट्रंप की शुल्क घोषणा से सेंसेक्स 322 अंक टूटा, आईटी शेयरों में बिकवाली

ट्रंप की शुल्क घोषणा से सेंसेक्स 322 अंक टूटा, आईटी शेयरों में बिकवाली

मुंबई, तीन अप्रैल (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 322 अंक टूट गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत समेत 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा के बाद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में बिकवाली तथा वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख से बाजार नुकसान में रहा।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 322.08 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,295.36 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 809.89 अंक तक लुढ़क गया था। हालांकि, बाद में औषधि शेयरों में तेजी से बाजार नुकसान की कुछ हद तक भरपाई करने में सफल रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.25 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,250.10 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी एक समय 186.55 अंक तक लुढ़क गया था।

अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत उच्च आयात शुल्क वसूलता है, ऐसे में अब देश के व्यापार घाटे को कम करने और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए उच्च शुल्क दरों का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘अमेरिकी शुल्क की घोषणा के बाद निफ्टी सूचकांक नुकसान के साथ खुला लेकिन कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मजबूती से इसमें कुछ सुधार देखने को मिला। इससे शुरुआती नुकसान को कम करने में मदद मिली और आज बाजार एक दायरे में रहा।’’

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा स्टील के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट आई।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में पावरग्रिड, सन फार्मास्युटिकल्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, नेस्ले इंडिया, टाइटन, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक शामिल है।

छोटी कंपनियों से जुड़े बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 0.76 प्रतिशत की तेजी रही जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 0.31 प्रतिशत मजबूत हुआ।

जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार में एक समय सुधार का संकेत था लेकिन अंत में यह हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसका कारण अमेरिकी आयात पर अपेक्षाकृत कम शुल्क की घोषणा है। अमेरिका में नरमी और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की की चिंता के बीच आईटी और वाहन शेयरों में बिकवाली दबाव रहा।’’

नायर ने कहा कि औषधि कंपनियों को शुल्क से बाहर रखने से यह क्षेत्र लाभ में रहा। इन सबके बावजूद मजबूत घरेलू वृहद आर्थिक आंकड़ों और कच्चे तेल की कम कीमत से व्यापक स्तर पर बाजार को समर्थन मिला।

उन्होंने कहा कि हालांकि शुल्क से अल्पकालीन स्तर पर चुनौतियां हैं, लेकिन भारत की आर्थिक मजबूती और द्विपक्षीय व्यापार समझौते से इसके असर को कम करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 35,170.32 करोड़ रुपये बढ़कर 4,13,33,265.92 करोड़ रुपये पहुंच गया।

बीएसई में 2,809 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,175 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 139 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की तीन प्रतिशत नीचे आया जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 1.52 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 0.76 प्रतिशत और चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.24 प्रतिशत टूटा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त में रहे थे।

वैश्विक स्तर पर तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.19 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

इस बीच, शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,538.88 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,808.83 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 592.93 अंक चढ़ा था जबकि एनएसई निफ्टी में 166.65 अंक की तेजी आई थी।