सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नया प्रारूप होगा आकर्षण का केंद्र
झांसी, 03 अप्रैल (वेब वार्ता)। यहां चार से 15 अप्रैल तक होने वाली 15वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप में तीन डिवीजन में 30 टीम हिस्सा लेंगी, जिसमें नया प्रारूप आकर्षण का केंद्र होगा।
यह पहली बार होगा जब मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जाने वाला पुरुष टूर्नामेंट तीन डिवीजन के नए प्रारूप में खेला जाएगा। सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप मार्च मंम इसी तरह के नए प्रारूप में खेली गई थी।
इस घरेलू प्रतियोगिता में पहली बार प्रमोशन (शीर्ष डिवीजन में जगह बनाना) और रेलीगेशन (निचले डिवीजन में खिसकना) का प्रावधान है। यही कारण है की टीमों को तीन डिविजन ए, बी और सी में विभाजित किया गया है।
डिवीजन ए शीर्ष स्तर का डिवीजन होगा क्योंकि इसमें टीमें चैंपियनशिप खिताब के लिए अपना दावा पेश करेंगी। डिवीज़न बी में टीमें अगले सत्र में डिवीज़न ए में जगह बनाने के लिए, जबकि डिवीज़न सी में टीमें अगली प्रतियोगिता के लिए डिवीज़न बी में जगह हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।
डिवीजन बी और सी के मैच चार अप्रैल से जबकि डिवीजन ए के मैच आठ अप्रैल से शुरू होंगे।
पिछले कुछ वर्षों में टूर्नामेंट में उनके समग्र प्रदर्शन के आधार पर, डिवीजन ए में भारत की शीर्ष -12 टीमें हैं, जिनमें गत चैंपियन ओडिशा और उपविजेता हरियाणा शामिल हैं।
डिवीजन ए में अन्य टीमें पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, बंगाल, हॉकी, कर्नाटक और पुडुचेरी हैं। इन टीमों को चार पूल में बांटा गया है।
प्रत्येक टीम अपने-अपने पूल में प्रत्येक प्रतिद्वंद्वी से एक बार खेलेगी। यह एकमात्र डिवीजन होगा जिसमें नॉकआउट चरण होगा। प्रत्येक पूल से शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें 12 अप्रैल को होने वाले क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी।
सेमीफ़ाइनल 13 अप्रैल को जबकि फाइनल और तीसरे तथा चौथे स्थान के लिए मैच 15 अप्रैल को खेले जाएंगे। डिवीजन ए से सबसे निचले स्थान पर रहने वाले दो टीम डिवीजन बी में खिसक जाएगी।
डिवीजन बी में 10 टीमें डिवीजन ए में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। टीमों को दो पूल में बांटा गया है। पूल ए में चंडीगढ़, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, जबकि पूल बी में दिल्ली, मिजोरम, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, केरल, असम शामिल हैं।
डिवीज़न बी से शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें अगले सत्र में डिवीज़न ए में जगह बनाएंगी, जबकि निचले स्थान पर रहने वाली दो टीम डिवीज़न सी में खिसक जाएंगी।
डिवीजन सी में आठ टीमें डिवीजन बी में अपना स्थान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। टीमों को दो पूल में विभाजित किया गया है। पूल ए में राजस्थान, अरुणाचल, जम्मू-कश्मीर, त्रिपुरा जबकि पूल बी में छत्तीसगढ़, हिमाचल, बिहार और गुजरात शामिल हैं।
डिवीजन सी में शीर्ष दो टीमें डिवीजन बी में जगह बनाएंगी।
तीनों डिवीजन में अंक प्रणाली एक समान है। प्रत्येक टीम को जीत के लिए तीन अंक, ड्रॉ के लिए एक अंक और हार के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘‘सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान नए प्रारूप ने वास्तव में अच्छा काम किया और हम राष्ट्रीय पुरुष चैंपियनशिप में इसे देखने के लिए उत्सुक हैं। मुझे उम्मीद है कि टीमें मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी।’’