बाघों को शांत रहने की जगह देना हमारी जिम्मेदारी: खरगे
नई दिल्ली, 01 अप्रैल (वेब वार्ता)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि भले ही हमारे यहां टाइगर प्रोजेक्ट के जरिए बाघों का संरक्षण करने से उनकी आबादी बहुत अच्छी है फिर भी अवैध तरीके से उनका शिकार करने का प्रयास चिंताजनक है और इसे रोकना हमारी जिम्मेदारी है।
खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाघों के संरक्षण के लिए किए कार्यों को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की दूर दृष्टि के कारण देश में आज बाघों की संख्या दुनिया में सर्वाधिक है और उन्हें सुरक्षित रखने की हम सबकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा "52 साल पहले, भारत ने श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में इस भव्य जानवर की रक्षा के लिए 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की थी। प्रोजेक्ट टाइगर ने बाघों, उनके आवासों और हमारे जंगलों की संपूर्ण जैव विविधता की रक्षा की।"
खरगे ने कहा "कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए, श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा था, 'बाघ को अलग-थलग करके संरक्षित नहीं किया जा सकता। यह एक विशाल और जटिल जैव-क्षेत्र के शीर्ष पर है। मानव घुसपैठ, वाणिज्यिक वानिकी और मवेशियों के चरने से खतरे में पड़े इसके आवास को सबसे पहले अछूता बनाया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा "आज, भले ही दुनिया की 70 प्रतिशत बाघ आबादी भारत में है, फिर भी पिछले कुछ वर्षों में नए तंत्रों के माध्यम से अवैध शिकार की परेशान करने वाली रिपोर्टें आई हैं। हमारे बाघों को अंधाधुंध शिकार से बचाने और शांतिपूर्ण मानव-पशु सह-अस्तित्व के लिए परिस्थितियां स्थापित करने के लिए हर संभव कदम उठाने में हमारी जिम्मेदारी है।"