गुजरात के बनासकांठा में पटाखा गोदाम में आग लगने से 18 लोगों की मौत, पांच घायल

गुजरात के बनासकांठा में पटाखा गोदाम में आग लगने से 18 लोगों की मौत, पांच घायल

पालनपुर (गुजरात), एक अप्रैल (भाषा) गुजरात के बनासकांठा जिले में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में आग लगने और इमारत के कुछ हिस्से ढहने से 18 लोगों की जान चली गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह घटना सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर डीसा कस्बे के पास स्थित गोदाम में हुई।

पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने बताया, "इस घटना में 18 लोगों की मौत हो गई तथा भीषण विस्फोट के बाद इमारत का स्लैब ढह जाने से पांच अन्य घायल हो गए।"

उन्होंने कहा कि मृतक मध्य प्रदेश के मजदूर और उनके परिवार के सदस्य थे तथा उनमें से अधिकतर की मौत स्लैब गिरने से हुई।

मकवाना ने बताया कि यह इकाई पटाखों के भंडारण के लिए थी और अभी तक इस बात का कोई सुराग नहीं मिला है कि वहां पटाखे बनाए जा रहे थे।

इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि यह एक फैक्टरी है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

पटेल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "डीसा में एक पटाखा गोदाम में आग लगने और स्लैब गिरने से श्रमिकों की मौत की घटना दिल दहला देने वाली है। दुख की इस घड़ी में मृतकों के परिजनों के साथ में मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।"

उन्होंने कहा, "मैं इस दुर्घटना में राहत, बचाव और उपचार कार्य के संबंध में प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हूं। मैंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को जल्द से जल्द उचित उपचार मिले। राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी।"

पटेल ने पोस्ट में कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर मृत कर्मचारियों की आत्मा को शांति प्रदान करें तथा घायलों को शीघ्र स्वस्थ करे।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस घटना में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है।

यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार गुजरात के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

उन्होंने कहा कि घटना से प्रभावित कर्मचारियों को पूरी सहायता दी जाएगी।

यादव ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।