वडोदरा : भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम अवधारणा पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक : प्रफुलभाई पनशेरिया 

राज्य मंत्री द्वारा 24 श्रेणियों में विभिन्न संगठनों को पुरस्कार प्रदान किए गए 

वडोदरा : भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम अवधारणा पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक : प्रफुलभाई पनशेरिया 

 पारुल विश्वविद्यालय में आयोजित सीएसआर सम्मेलन और सर्वोत्तम अभ्यास पुरस्कार वितरण समारोह में शिक्षा राज्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा पूरे विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच के साथ जरूरतमंदों की मदद करने का आह्वान किया। समारोह में 24 श्रेणियों में विभिन्न संस्थानों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान मंत्री ने सक्षम थर्ड फाउंडेशन की वार्षिक रिपोर्ट (2023-24) भी जारी की।  

राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति केवल भोग-विलास पर नहीं, बल्कि त्याग और समर्पण पर आधारित है। उन्होंने समाज को अंधकार से उजाले की ओर ले जाने की प्रेरणा देते हुए अहंकार, द्वेष और ईर्ष्या को त्यागने का संदेश दिया।  

कार्यक्रम की शुरुआत में पारुल विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष डॉ. गीतिका पटेल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि समापन पर विनोद परमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर वाघोडिया विधायक धर्मेन्द्रसिंह वाघेला, पारुल विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विद्यार्थी, स्वायत्तशासी संस्थाओं के प्रतिनिधि,शोधार्थी, नीति निर्माता और विभिन्न कंपनियों के सीएसआर विभाग प्रमुख उपस्थित रहे।

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