चारधाम यात्रा में मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक

वीआईपी दर्शन भी बंद किए गए

चारधाम यात्रा में मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक

नई दिल्ली, 28 मार्च (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस साल 30 अप्रैल से शुरू होगी। हर साल लाखों श्रद्धालु यात्रा पर आते हैं। इस बार चारधाम यात्रा को लेकर कुछ नए नियम बनाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने वालों के लिए खास नियम हैं।

मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करने पर दर्शन किए बिना ही वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा वीआईपी दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं।

इस बार यात्रा के लिए 9 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई इंतजाम किए जा रहे हैं। केदारनाथ-बद्रीनाथ पंडा समाज ने फैसला लिया है कि इस बार यात्रा में रील बनाने वालों को मंदिर में घुसने नहीं दिया जाएगा। बीते साल वीडियों बनाने वाले यात्रियों की वजह से
कई जगह पर व्यवस्था बिगड़ गई थी।

केदारनाथ धाम में सिर्फ वीडियो बनाने के लिए ढोल-नगाड़े बज रहे थे। इससे प्रकृति और श्रद्धालुओं की शांति भंग हो रही थी। इसलिए इस बार प्रशासन ने कैमरा चालू करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

वहीं इस साल चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। बद्रीनाथ धाम के पंडा पंचायत के कोषाध्यक्ष अशोक टोडरिया ने कहा कि पैसे लेकर दर्शन करवाना भगवान की मर्यादा के खिलाफ है। इसलिए इस बार सभी श्रद्धालु सामान्य दर्शन ही कर पाएंगे। इससे सभी को दर्शन करने
का समान मौका मिलेगा।

चारधाम यात्रा 30 अप्रैल, से शुरू होगी। सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने है। इसके बाद 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट और सबसे आखिर में 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

यात्रा मार्ग को 10-10 किलोमीटर के हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में 6 पुलिसकर्मी तैनात हैं। अगर मौसम खराब होता है, तब यात्रियों को राहत देने के लिए 10 जगहों पर होल्डिंग स्थल बनाए गए हैं। यहां पर खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजें मिलेंगी।

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