ब्रेन डेड युवक के अंगदान से तीन लोगों को नया जीवन, डोनेट लाइफ संस्था का सराहनीय प्रयास
सूरत : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जिले के मूल निवासी मुलायम तुफानी यादव (30 वर्ष), जो आणंद में पेंटर के रूप में कार्यरत थे, 19 मार्च की रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान 23 मार्च को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद डोनेट लाइफ संस्था ने उनके परिवार को अंगदान का महत्व समझाया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिला।
मुलायम यादव 19 मार्च को रात 8:30 बजे बाइक से करमसद के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में उनकी बाइक गाय से टकरा गई। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें करमसद स्थित श्री कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 23 मार्च को न्यूरोसर्जन टीम ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
डोनेट लाइफ संस्था के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला और डोनेट लाइफ आनंद टीम के सदस्य निखिल शास्त्री और निशिल पटेल (पप्पूभाई) उनकी टीम ने मुलायम के पिता तूफानी यादव और पत्नी सावित्री देवी को अंगदान का महत्व समझाया। परिवार की सहमति मिलने के बाद सोट्टो (राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन) से समन्वय किया गया, और अंगों को निम्नानुसार आवंटित किया गया।
लीवर अहमदाबाद के ज़ाइडस अस्पताल को, एक किडनी अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल और दूसरी किडनी → बी. टी. सावनी अस्पताल, को आवंटीत कि गई। अंगों को समय पर अहमदाबाद पहुंचाने के लिए आणंद सिटी पुलिस के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
मुलायम की मां अपने बेटे का चेहरा अंतिम बार देख सकें इस लिए पिता ने मुलायम के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव उत्तर प्रदेश ले जाने की इच्छा जताई। मुलायम के पिता की इच्छा के अनुसार, डोनेट लाइफ ने उनके पार्थिव शरीर को अहमदाबाद एयरपोर्ट से कार्गो फ्लाइट द्वारा अयोध्या एयरपोर्ट भेजा, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई। और दोनों बच्चों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी डोनेट लाइफ ने ली।
मुलायम के मृतदेह को आणंद से उत्तरप्रदेश फ्लाईट में ले जाना था इस लिए सूरत के डॉ. विनेश शाह द्वारा पार्थिव शरीर के लेप लगाने में सहयोग किया गया।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर साध्वी ऋतंभरा जी की डोनेट लाईफ के निलेश मांडलेवाला से भेंट हो गई तो साध्वी जी ने स्व. मुलायम के अंगदान करने के नेक कार्य के लिए परिवार को आशीर्वाद दिया।
डोनेट लाईफ के सहयोग से सूरत और दक्षिण गुजरात से कुल 1309 अंग और ऊतक दान किए जा चुके हैं। जिनमें 532 गुर्दे, 231 लीवर, 55 हृदय, 52 फेफड़े, 9 अग्न्याशय, 8 हाथ और 1 छोटी आंत शामिल हैं।
मुलायम के परिवार के इस महान कार्य ने तीन लोगों को नई जिंदगी दी और अंगदान के महत्व को बढ़ावा दिया।। यह घटना अंगदान के महत्व को उजागर करती है और दिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति की मृत्यु कई लोगों के लिए जीवन का वरदान बन सकती है।