वडोदरा : परीक्षा के समय शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग
जनप्रतिनिधियों ने शहर के पुलिस विभाग एवं नगरपालिका प्रशासन को दिये सुझाव
कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं गुरुवार से शुरू होने जा रही हैं। दूसरी ओर वडोदरा निगम शहर के कई क्षेत्रों में पुलों पर खुदाई या पुनः सतह बनाने का काम शुरु होने से छात्र परीक्षा देने जाते समय ट्रैफिक जाम के कारण देर से न पहुंचे और स्कूल (कक्षा) में प्रवेश न कर सके और उनका कैरियर प्रभावित न हो। इस संदर्भ में जनप्रतिनिधियों ने शहर के पुलिस विभाग और नगरपालिका प्रशासन को कुछ सुझाव दिये गये हैं।
जो कदम अत्यंत आवश्यक बताए गए हैं उऩमें यदि किसी पुल या सड़क पर एकतरफा यातायात बंद है, तो जांच के दौरान निकटतम यातायात बिंदु पर यातायात सिग्नल बंद रखे जाने चाहिए तथा यातायात पुलिस की उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि की जानी चाहिए। साथ ही यातायात पुलिस को व्यक्तिगत रूप से यहां यातायात
की निगरानी (नियमन) करनी चाहिए। यदि यातायात पुलिस को ट्रैफिक सिग्नल चालू रखना है तो पुल के समानांतर सड़कों या जहां सड़क बंद है, विशेषकर जहां यातायात अधिक है, को प्रभावित करने वाले सिग्नलों की टाइमिंग बढ़ाई जानी चाहिए। यहां ट्रैफिक सिग्नल बंद करने पर जोर इसलिए दिया जा रहा है, ताकि यदि किसी विशेष दिशा (सड़क) पर ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल हो जाए तो ट्रैफिक पुलिस वहां मैनुअल निगरानी कर सके और स्थिति के अनुसार तत्काल उस सड़क पर यातायात सुचारू कर सके।
परीक्षा अवधि के दौरान दोपहर के समय शहर में प्रवेश करने वाले भारी (बड़े) वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। विशेषकर उन स्कूलों के पास जहां पुल या सड़क की मरम्मत का काम चल रहा है, जैसे कि फतेहगंज में कॉन्वेंट स्कूल, पुल और उसके पास की सड़क, सैफरन टॉवर की ओर जाने वाली एकतरफा सड़क, वर्तमान में वाहनों के आवागमन के लिए पूरी तरह से बंद है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि सड़क के दूसरी ओर स्थित होटल एवं रेस्टोरेंट, जो खुले हैं, उनकी पार्किंग मुख्य सड़क पर न हो। पिकअप के समय फतेहगंज सैफरन टावर से पेट्रोल पंप तक भारी ट्रैफिक जाम के दृश्य अक्सर देखने को मिलते हैं। इसे विशेष रूप से परीक्षा के दौरान हल किया जाना चाहिए।
स्कूल के निकट किसी भी अस्थायी अवरोध, विशेषकर ट्रक, कचरा और पत्थर, को युद्धस्तर पर हटाया जाना चाहिए। ताकि छात्रों को ट्रकों के आसपास बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। जहां किसी पुल पर पुनः सतह बनाने या सड़क या सीवर का काम चल रहा हो और एकतरफा यातायात बंद हो, वहां वैकल्पिक मार्ग से गुजरने वाले एसटी वाहनों को दूसरे मार्ग पर भेज दिया जाना चाहिए। ताकि इस मार्ग से गुजरने वाले अभिभावकों व विद्यार्थियों का समय बर्बाद न हो।
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या से बचने के लिए कक्षा 1 से 9 और 11 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाने चाहिए। यदि आवश्यक हो तो इस संबंध में एक परिपत्र जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों को भेजा जाए। यहां यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि परीक्षा शुरू होने के बाद छात्रों को अधिकतम दस मिनट तक विलंब होने कक्षा में प्रवेश की अनुमति दी जाती है, उसके बाद उनका प्रवेश बंद कर दिया जाता है। यह जरूरी है कि उपरोक्त सुझाव को लागू किया जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक पल के लिए भी देरी होने से किसी छात्र का करियर बर्बाद न हो।
अपने बच्चों को चार पहिया वाहन के बजाय दो पहिया वाहन से स्कूल छोड़ें
वाहनों की स्थिति को देखते हुए, अभिभावकों के लिए यह अधिक उचित है कि वे अपने बच्चों को चार पहिया वाहनों के बजाय दो पहिया वाहनों पर स्कूल छोड़ें। चार पहिया वाहनों को ट्रैफिक जाम से निकलने में काफी परेशानी होती है। जबकि दोपहिया वाहन तेजी से परिवहन कर सकते हैं। ऐसे समय में स्कूल (परीक्षा केन्द्र) पहुंचने के लिए एक मिनट भी बच्चों के लिए बहुत कीमती होता है।