सूरत : एसजीसीसीआई द्वारा 8वें राष्ट्रीय मानव संसाधन सम्मेलन का आयोजन किया

 सूरत : एसजीसीसीआई द्वारा 8वें राष्ट्रीय मानव संसाधन सम्मेलन का आयोजन किया

सूरत : दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सोमवार को 8वां राष्ट्रीय मानव संसाधन सम्मेलन प्लैटिनम हॉल, सरसाना, सूरत में 'उद्योग और व्यापार के विकास में मानव संसाधन (एचआर) की भूमिका' विषय पर आयोजित किया गया। इस एचआर कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह में हिंदुस्तान जिंक (वेदांता समूह) के सीईओ अरुण मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे और उन्होंने उद्यमियों, व्यापारियों और एचआर पेशेवरों को एचआर नेतृत्व के माध्यम से उच्च प्रदर्शन संस्कृति के निर्माण के बारे में जानकारी दी।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय मेवावाला ने कहा, "आज के तेज गति वाले व्यवसाय में, मानव संसाधन अब न केवल कंपनी के लिए सही प्रतिभाओं को नियुक्त करता है, बल्कि कंपनी और व्यवसाय के विकास को बढ़ाने और बनाए रखने में एक भागीदार के रूप में भी भूमिका निभाता है।" मानव संसाधन पेशेवर अब व्यवसाय की सफलता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसमें कर्मचारियों को प्रेरित करने से लेकर व्यवसाय में नवाचार को बढ़ावा देना और कंपनी के भीतर अनुकूल वातावरण बनाए रखना शामिल है।

हिंदुस्तान जिंक (वेदांता समूह) के सीईओ अरुण मिश्रा ने ‘मानव संसाधन नेतृत्व के माध्यम से उच्च प्रदर्शन संस्कृति का निर्माण’ विषय पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि पहले कंपनियों में निजी प्रबंधक ही कर्मचारियों का ध्यान रखते थे। अब बड़ी कंपनियों का प्रबंधन सीईओ, सीएफओ और सीएचआरओ द्वारा किया जाता है। सीईओ लेखांकन पर मानव संसाधन के साथ काम कर सकते हैं। हालाँकि, अब रिवर्स रखरखाव का समय है। आज की नई पीढ़ी लचीली है। उद्योग में लोगों की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है। युवा लोग कम्पनियों के विभिन्न मामलों पर चर्चा में भाग ले सकते हैं, इस प्रकार निर्णय लेने में युवाओं को शामिल किया जा सकता है।

पीपी सवाणी विश्वविद्यालय के प्रोवोस्ट एवं कार्यकारी डीन डॉ. पराग संघानी ने ‘युवा कार्यबल के विकास के लिए मानव संसाधन परिप्रेक्ष्य’ पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि कंपनी में सर्वश्रेष्ठ टीम बनाने के लिए मानव संसाधन विशेषज्ञों की आवश्यकता है। अगली पीढ़ी अब मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होगी, जिससे कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा मिलेगा। युवा अब पैसे के लिए नहीं, बल्कि उद्देश्य के लिए काम करेंगे। अब प्रत्येक संगठन को आलोचनात्मक सोच, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आध्यात्मिकता को अपनी संस्कृति में लाना होगा। अब कर्मचारियों को कंपनी और व्यवसाय में कर्मचारी नहीं बल्कि भागीदार माना जाएगा तथा उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा।

हीरो फ्यूचर एनर्जीज की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सुश्री भावना कृपाल मित्तल ने ‘व्यवसाय में रणनीतिक साझेदार के रूप में मानव संसाधन’ पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर व्यवसाय रणनीति, प्रशासन और सीएफओ किसी कंपनी के विकास के लिए आवश्यक हैं, वहीं इन सभी को आपस में जोड़े रखने में मानव संसाधन की भूमिका महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विभाग ने व्यवसाय रणनीति की भूमिका भी संभाल ली है। मानव संसाधन प्रमुखों को अब प्रौद्योगिकी से जुड़कर मूल्य प्रस्ताव तैयार करने की आवश्यकता है। यदि इरादा और प्रतिबद्धता अच्छी हो तो मानव संसाधन को नेतृत्व करने से कोई नहीं रोक सकता।

सम्मेलन के दौरान ‘व्यावसायिक दक्षता के लिए मानव संसाधन को प्रौद्योगिकी-संचालित कार्य में बदलना’ विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। सुश्री पूजा मकसाना (प्रमुख – डीईआई और एचआर बिजनेस पार्टनर – ग्लोबल आईटी एंड प्रोक्योरमेंट, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज), सोहेल सवानी (संस्थापक, सोहेल एंड कंपनी और सवानी इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर लॉ एंड स्किल डेवलपमेंट) और सुश्री असमानी सुर्वे (उपाध्यक्ष-मानव संसाधन, गोल्डी सोलर) ने इस चर्चा में पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया और अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए।

पैनल चर्चा का संचालन चैंबर के मानद कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं विकास रणनीतिकार श्री मृणाल शुक्ला ने किया। श्री राम-कृष्णा एक्सपोर्टर्स के मुख्य मानव पूंजी और स्थिरता अधिकारी और चैंबर की मानव संसाधन और प्रशिक्षण समिति के अध्यक्ष डॉ. नीरव मंडीर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन चैंबर की कौशल विकास समिति के अध्यक्ष चिराग देसाई ने किया। चैंबर के कौशल विकास एवं युवा विंग समिति के सह-अध्यक्ष डॉ. विजय रादडिया ने सम्मेलन में उपस्थित दर्शकों को धन्यवाद दिया।

चैंबर के तत्कालीन सेवानिवृत्त अध्यक्ष  रमेश वघासिया ने कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अरुण मिश्रा का परिचय कराया। चैंबर के समूह अध्यक्ष संजय गजीवाला ने वक्ता सुश्री भावना कृपाल मित्तल का परिचय कराया। चैंबर की मानव संसाधन एवं प्रशिक्षण समिति के सदस्य विशाल शाह ने पैनल चर्चा का संचालन किया। इस सम्मेलन में एमएसएमई, आईटी, होटल प्रबंधन, आतिथ्य और कॉर्पोरेट क्षेत्रों की विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि और मानव संसाधन पेशेवर उपस्थित थे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने उपस्थित लोगों के विभिन्न प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए और फिर कार्यक्रम समाप्त हो गया।