वडोदरा : मवेशियों को पकड़ने के लिए प्रशासन ने 18 टीमें बनाईं, ट्रैक्टर आवंटित न होने से टीमें परेशान
पशुपालक मवेशी पकड़ने वाली टीम के साथ बहस करने लगते हैं और पकड़े गए मवेशियों को छुड़ ले जाते हैं
वडोदरा शहर में आवारा पशुओं के घूमने की बहुत बड़ी समस्या है। नगर निगम प्रशासन ने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए दिन-रात निरंतर काम जारी रखने के लिए कुल 18 टीमें गठित की हैं। लेकिन इस टीम के पास केवल कुछ ही ट्रैक्टर हैं। परिणामस्वरूप, मवेशियों को पकड़ने के बाद सार्वजनिक स्थान पर खड़ी टीमों के साथ गौपालकों के साथ झड़प की घटनाएं होने लगी हैं, जिसके कारण उन्हें मवेशियों को छोड़ना पड़ता है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन ने मवेशियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित की हैं, लेकिन पकड़े गए मवेशियों को ले जाने के लिए ट्रैक्टरों की कमी के कारण टीम को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि शहर में आवारा मवेशियों को लेकर सरकार की चेतावनी के बाद नगर निगम प्रशासन ने मवेशी पकड़ने वाली टीमों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दी है। इन सभी टीमों को दिन-रात, चौबीसों घंटे काम करना पड़ता है। ऐसी शिकायतें मिली हैं कि मवेशी पकड़ने वाली टीमों को ट्रैक्टर आवंटित नहीं किए जा रहे हैं, जो शहर के सभी कोनों में दिन-रात काम में व्यस्त हैं। उल्लेखनीय है कि ट्रैक्टरों के अभाव में टीम सार्वजनिक सड़क पर पकड़े गए मवेशियों के साथ खड़ी रहती है। जिससे पशुपालक मवेशी पकड़ने वाली टीम के साथ बहस करने लगते हैं और इस तरह वे नगर निगम अधिकारियों द्वारा पकड़े गए मवेशियों को छुड़ ले जाते हैं। इससे मवेशी पकड़ने वाली टीम का काम बुरी तरह प्रभावित होता है।
शहर के एक इलाके में मवेशी पकड़ने वाली टीम ने कुछ आवारा मवेशियों को पकड़ने के बाद सभी मवेशियों को घेरकर ट्रैक्टर के इंतजार में खड़े थे। वहां से निकल रहे अन्य अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ में ट्रैक्टर अभी तक नहीं आया। इसलिए हम पकड़े गए मवेशियों को घेरकर सड़क पर खड़े हैं। इस बीच कुछ पशुपालक बीच-बचाव करने आए और मनपा टीम के साथ कहासुनी करने लगे तथा पकड़े गए सभी मवेशियों को छुड़ा ले गये। इसके बावजूद नगर पालिका की पशु टीम ने कुल 16 मवेशियों को पकड़कर गोशाला (पांजरापोल) में छोड़ दिया।