उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण: एसजीसीसीआई और बीआईएस द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
एल्यूमीनियम, तांबा, विद्युत उपकरण और मशीनरी सुरक्षा हेतु मानकों का प्रचार
सूरत : दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने ‘एल्यूमीनियम और तांबे के उत्पादों, विद्युत उपकरणों तथा मशीनरी सुरक्षा हेतु गुणवत्ता नियंत्रण आदेश’ पर एक औद्योगिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बीआईएस सूरत के वरिष्ठ निदेशक श्री एस.के. सिंह, संयुक्त निदेशक कुंजन कुमार आनंद और उप निदेशक धनराज कराड ने सूरत के उद्यमियों एवं व्यापारियों को गुणवत्ता नियंत्रण के आदेशों, मानकों और प्रमाणन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री विजय मेवावाला ने बताया कि उच्च मानक बनाए रखने और उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, "एल्यूमीनियम, तांबे, विद्युत उपकरण और मशीनरी सुरक्षा न केवल उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
वरिष्ठ निदेशक एस.के. सिंह ने बताया कि सरकार के मानक मंथन कार्यक्रम के माध्यम से बीआईएस द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के बारे में व्यापक जानकारी दी जाती है, जिससे निर्माता अपने सुझाव और प्रश्न सरकार के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि तांबा, एल्यूमीनियम, स्टेनलेस स्टील और पीवीसी पाइप से संबंधित उत्पादों को बीआईएस प्रमाण पत्र वाले उद्यमियों से ही खरीदना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके।
बीआईएस सूरत के संयुक्त निदेशक कुंजन कुमार आनंद ने उत्पाद प्रमाणन योजना एवं क्यूसीओ (QC/O) के बारे में बताया, जिसमें 720 से अधिक उत्पाद अनिवार्य प्रमाणन में शामिल हैं और 1335 उत्पाद आईएसआई प्रमाणीकरण के अंतर्गत आते हैं। उप निदेशक धनराज कराड ने मशीनरी और विद्युत उपकरणों के लिए निर्धारित क्यूसीओ की जानकारी दी और बताया कि इसे 28 अगस्त 2025 से लागू किया जाएगा।
कार्यक्रम में चैंबर के उपाध्यक्ष निखिल मद्रासी, मानद कोषाध्यक्ष मृणाल शुक्ल, समूह अध्यक्ष डॉ. अनिल सरावगी समेत प्रमुख उद्योगपति और व्यवसायी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चैम्बर की सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने किया। उपस्थित विशेषज्ञों ने दर्शकों के विभिन्न प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिया, जिसके बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।