व्यापार
नैनो पहुंची ख्वाजा के दरबार
अजमेर। शुरुआती सफर से ही विवादों व मुसीबत के साये में रही आम आदमी की कार नैनो को नजर न लगे, इसके लिए रतन टाटा की यह कार तीर्थयात्रा पर है। इसी कार्यक्रम के तहत कंपनी की सिल्वर कलर की नैनो कार सबसे पहले गरीब नवाज के दरबार में पहुंची। एक अन्य रंग की लखटकिया कार कुछ दिनों में स्वर्ण मंदिर जाएगी। देश की दिग्गज वाहन कंपनी टाटा मोटर्स की इस बहुप्रतीक्षित कार की बुकिंग संभवत: अगले महीने से शुरू हो जाएगी। इसके बाद तीन-चार माह के अंदर यह कार उपभोक्ताओं के द्वार पर पहुंचने लगेगी। टाटा समूह के एक अधिकारी ने नैनो को सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के बुलंद दरवाजे की पहली सीढ़ी पर स्पर्श कराया। अधिकारी ने बाद में गरीब नवाज के दरबार में हाजिरी देते हुए अकीदत के फूल चढ़ाकर नैनो की कामयाबी की दुआ मांगी। बाजार में आने से पहले यहां आई इस लखटकिया कार के दीदार के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। नैनो की पहली खेप पुणे व पंतनगर स्थित स्थित टाटा मोटर्स कारखाने से तैयार होकर निकली है, जबकि दूसरी खेप साणंद कारखाने से निकलेगी। टाटा मोटर्स ने भारतीय स्टेट बैंक को गाड़ी की बुकिंग का इकलौता एजेंट बनाया गया है। तय कार्यक्रम के तहत नैनो पश्चिम बंगाल के सिंगुर कारखानें में तैयार होकर गत वर्ष दिसंबर में ही बाजार में आने वाली थी, लेकिन कारखाने के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन से मजबूर होकर टाटा मोटर्स को सिंगुर से अपना कारखाना हटाकर गुजरात के साणंद ले जाना पड़ा।
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