खेल
बुकानन की राह पर चलना चाह रहे थे ब्रासा
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के कोच जोसे ब्रासा शायद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व कोच जॉन बुकानन के नक्शेकदम पर चलना चाह रहे थे लेकिन चयन समिति ने उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया। २८ फरवरी से राजधानी में होने वाले हॉकी विश्र्वकप के लिए भारतीय टीम घोषित की जा चुकी है और स्ट्राइकर राजपाल सिंह को इस १८ सदस्यीय टीम का कप्तानी का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन समझा जाता है कि ब्रासा स्ट्राइकर प्रभजोत सिंह को कप्तान बनाना चाहते थे और साथ ही टीम में चार उप कप्तान रखना चाहते थे। गौरतलब है कि आईपीएल के दूसरे संस्करण में बुकानन ने एक नया सिद्धांत निकालते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए बहु कप्तान सिद्धांत की वकालत की थी लेकिन वह इसे अमल में नहीं ला सके थे। उनकी इस थ्योरी की आलोचना के साथ साथ तारीफ भी हुई थी मगर इससे टीम का प्रदर्शन इस कदर प्रभावित हुआ कि टीम आईपीएल के दूसरे संस्करण में अंतिम स्थान पर रही थी। बुकानन चाहते थे कि टीम में बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण और विकेटकीपिंग के लिए अलग-अलग कप्तान हों लेकिन न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम पूरे टूर्नामेंट में कप्तान बने रहे और बहु कप्तान थ्योरी को लेकर विवाद में लगातार में उलझे रहने से न केवल मैकुलम का बल्कि पूरी टीम का प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ। ब्रासा के लिए कुछ ऐसा ही माना जा रहा है कि उन्होंने सीनियर खिलाड़ी प्रभजोत को कप्तान बनाने का फैसला कर लिया था और एंडि्रयन डिसूजा, दीपक ठाकुर, अर्जुन हल्लपा और राजपाल के लिए रूप में वह चार उप कप्तान नियक्तकरना चाहते थे, लेकिन ब्रासा की बुकानन रूपी यह थ्योरी चयनकर्ताओं के गले के नीचे नहीं उतरी और उन्होंने राजपाल को कप्तान बनाने का फैसला किया। सूत्रों केमुताबिक यह भी समझा जाता है कि हाल में हुए हॉकी खिलाड़ियों के विद्रोह का जिस तरह प्रभजोत ने नेतृत्व किया था वह भी चयनकर्ताओं द्वारा प्रभजोत को कप्तानी के लिए ठुकराए जाने की एक वजह बना।
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