व्यापार
मिलों को नियमित बेचनी होगी चीनी
नई दिल्ली। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर अब मिलों को हर सप्ताह बाजार में चीनी लानी होगी। उम्मीद है कि इससे चीनी के दाम जल्द कम होंगे। सरकार ने तय किया है कि चीनी मिलों के लिए खुले बाजार में बेचने का जो कोटा तय किया जाता है, मिलों को उस चीनी को नियमित बेचना होगा। मिलें कितनी चीनी खुले बाजार में बेच रही हैं, उसका आकलन भी अब महीने के बजाय हफ्ते में होगा। अगर चीनी मिलों ने तय कोटे के तहत चीनी को खुले बाजार में नहीं बेचा, तो बची चीनी को सरकार लेवी के तहत कम दाम में लेगी और उसे खुले बाजार में बेचेगी। गौरतलब है, उत्पादन क्षमता के मुताबिक चीनी मिलों के लिए खुले बाजार में चीनी बेचने का मासिक कोटा तय किया जाता है। चीनी मिलों को उस महीने तय कोटे को खुले बाजार में बेचना पड़ता है। लेकिन मिलों ने इस सिस्टम की आड़ में मुनाफाखोरी कर चीनी की कीमत को ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। मिलों ने महीने के पहले सप्ताह तो चीनी खुले बाजार में बेची, मगर फिर १० दिन चीनी खुले बाजार में नहीं उतारी। इससे आपूर्ति कम हो गई। बाजार में जब दाम बढ़ गए तो माह के अंत में मिलों ने चीनी खुले बाजार में बढ़े दामों में बेची। इस तरह मिलों ने बेचने का कोटा तो पूरा कर लिया, साथ ही मुनाफा भी कमाया। नए नियम के अनुसार, अगर किसी चीनी मिल को खुले बाजार में १० कि्वंटल चीनी बेचना है, तो उसे हर हफ्ते ढाई कि्वंटल चीनी बेचना जरूरी होगा।
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