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माओवादियों ने बस्तर छोड़ र्खि किया दीगर रì
हैदराबाद। बस्तर के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षा कर्मियों ने हालांकि सघन कार्रवाई आरंभ कर दी है, लेकिन हालात से स्पष्ट होता है कि माओवादी सरगनाओं ने अपनी जनआजादी पुरिल्ला सेना के लड़ाकों को अबूझमाड़ से हटाकर उन्हें उड़ीसा, झारखंड, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भेज दिया है। माना जा रहा है कि इनकी एक टोली में १०० लड़ाके हैं और कुल टोलियों की संख्या पांच है। इन वाम मार्गियों का छाीसगढ़, उड़ीसा, बिहार, झारखंड मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को एक एक मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और झारखंड को भेज दी गई है। ये सारे इलाके छाीसगढ़ से सटे है। इस वाम व्यूह रचना से उन्हें उम्मीद है कि इन गुर्गो की सुरक्षा बल घेराबंदी नहीं कर पाएंगे और अबूझमाड़ में वे उपयुक्त समय देखकर वापसी दर्ज करा सकेंगे। केंद्र ने माओवादियों के खिलाफ वाक्यों को राज्य को आपरेशन ऑपरेशन ग्रीनहन्ट मुहिम के तहत अधिकारिक सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराना तय कर रखा है। इससे लाभ यह होगा कि अबू झमाड़ के ४,०० वर्ग किमी. के इलाके में माओवादियों के उत्पादों का खात्मा मुमकिन हो सकेगा। अबूझमाड़ से माओवादी लड़ाके चूंकि खिसक चुके हैं इसलिए रक्षा कर्मियों से वे ४,००० आदिवासी लड़ाके लड़ रहे हैं जिन्हें गुरिल्ला संघर्ष के लिए माओवादियों ने ट्रेनिंग दे रखी है। उड़ीसा, झारखंड, बिहार और प. बंगाल में जहां आपरेशन ग्रीन हन्ट अभी शुरू नहीं हो पाया है, वहीं छाीसगढ़ में इसकी व्यूह रचना आरंभ हो गई है।
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