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चंडीगढ़ भी सबका : हुड्डा
नई दिल्ली ।मुंबई केवल मराठी भाषियों की को लेकर चल रहे विवाद को लेकर चंडीगढ़ पर भी ऐसा ही विवाद शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री द्वारा आंतरिक सुरक्षा के मामले में बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक में पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्री चंडीगढ़ पर दावे को लेकर उलझ पड़े। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में यह तक कह दिया कि चंडीगढ़ पर हरियाणा का भी पंजाब के बराबर ही हक है और यदि पंजाब चाहे तो किसी और शहर को अपनी राजधानी बना ले। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बिना किसी का नाम लिए चंडीगढ़ पंजाब को देने, पानी के बंटवारे व एसजीपीसी में बाहरी हस्तक्षेप के मसलों का जिक्र कर दिया। फिर क्या था, हुड्डा ने तुरंत साथ बैठे अधिकारियों से बादल के भाषण की प्रति मंगाई और मौके पर ही उनके बिंदुओं का जवाब तैयार करके अपनी बारी का इंतजार करने लगे। बारी आते ही हुड्डा ने पहले अपनी बात रखी और फिर पूरे दमखम से बादल के दावों के जवाब में हरियाणा का पक्ष रखने से नहीं चूके। हुड्डा ने यहां तक कह दिया कि यदि पंजाब चाहे तो अपनी राजधानी चंडीगढ़ से बाहर कहीं बना ले। उन्होंने साफ कहा कि राजधानी के रूप में चंडीगढ़ पर हरियाणा का भी उतना ही हक है जितना पंजाब का। मसला केवल चंडीगढ़ का नहीं बल्कि इससे और भी मुद्दे जुड़े हैं। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि आंतरिक सुरक्षा जैसे अहम मसले पर आयोजित बैठक इस तरह के द्विपक्षीय विवादों को उठाने का क्या यह उचित मंच है? हुड्डा ने कहा कि चूंकि बादल ने ये मसले उठा दिए हैं, लिहाजा वे इनका जवाब देने के लिए बाध्य हैं। उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जताया है कि कई फैसलों और आश्र्वासनों के बावजूद पंजाब द्वारा हरियाणा को उसके हिस्से का पानी वाजिब अधिकार होने के बावजूद नहीं दिया जा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की तरह हरियाणा की भी केंद्रीय पूल में अन्न देने में अहम भूमिका है इसलिए उसे भी केंद्र से विशेष सहयोग की जरूरत है।
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