इंटरनेशनल
जरूरी नहीं तनाव से रूके बच्चों का विकास
वाशिंगटन। हाल में किए गए एक नए अध्ययन से पता चला है जो बच्चे तनाव के प्रति दृढ़ प्रतिक्रिया दिखाते है या जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याऐं होती है जब उनका लालन-पालन एक प्रोत्साहित करने वाले वातावरण में होता है तो वह आगे चलकर दृढ़ निश्चयी बन जाते है। स्टेनफोर्ड विश्र्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजूकेशन के सहायक प्रोफ्रेसर जिलेना अबरेडोवी का कहना है कि अधिक संवेदनशील बच्चों का लालन-पालन करना कठिन हो सकता है। लेकिन ऐसे बच्चों का अगर लालन-पालन समर्धित और प्रोत्साहित करने वाले वातावरण में किया जाता है। तो वे एक अलौकि क्षमता और दृढ़ता वाले व्यक्ति में ढल जाते है। शोधकर्ताओं ने यह निश्चित करने के लिए कि एक स्वस्थ विकास के लिए पारवारिक मुशकिलें और जैविक प्रतिक्रिया का क्या प्रभाव हो सकता है केजी कक्षा के ३३८ विद्यार्थी उनके परिवार वालों और शिक्षकों का अध्य्यन किया और पाया जिन बच्चों में तनाव एवं तनावपूर्ण काम जो उनके लिए एक चुनौती के समान थे विशेष रूप से उनमें दृढ़, जैविक प्रतिक्रिया करने की क्षमता थी। उनके जीवन पर उनके परिवार की अच्छी-बुरी परिस्थितियों का काफी प्रभाव था। उन्होंने कहा इस शोध के निष्कर्ष से यह पता चलता है कि जो बच्चे तनाव के प्रति अतिसंवेदनशील होते है यह कोई अशुभलक्षण नही है बल्कि यह किस वातावरण में पले-बढ़े है यह समझना जरूरी है।
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