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त्रिपुरा मे हार के बाद सीपीएम मिला सकती है कांग्रेस से हाथ

नई दिल्ली (ईएमएस)। त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में सीपीएम को मिली भारी शिकस्त ने उसे अपनी रणनीतियों पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है और पार्टी के अंदर भी कांग्रेस के साथ तालमेल करने की जोर-शोर से मांग उठ रही है। अगले महीने पार्टी की अहम बैठक होने वाली है। पार्टी नेताओं ने कहा कि त्रिपुरा में मिली शिकस्त के बाद सीपीएम का अस्तित्व बनाए रखने के लिए सही रणनीति अपनाने को लेकर पार्टी के अंदर कई सवाल उठ रहे हैं। त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में जीत से राज्य में सीपीएम के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के 25 साल के शासन का खात्मा हो गया। सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य हन्नन मोल्लाह ने बताया कि त्रिपुरा में हार के बाद पार्टी सबसे मुश्किल दौर का सामना कर रही है। इस हार ने हमें नए तरीके से फिर से सोचने पर मजबूर किया है। उन्होंने कहा, हमने अपने प्रस्ताव में कहा है कि हम कांग्रेस के साथ कोई तालमेल नहीं चाहते। पर त्रिपुरा में हार के बाद अब नई परिस्थिति सामने आई है। हमें अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। बता दें कि 21 जनवरी को सीपीएम की केंद्रीय समिति ने पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी द्वारा प्रस्तावित कांग्रेस के साथ गठबंधन संबंधी प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया था। पार्टी ने एक नया प्रस्ताव अपनाया था, जिसे अगले माह पार्टी की कांग्रेस में रखा जाएगा। सीपीएम पोलित ब्यूरो के एक और सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि पार्टी त्रिपुरा में मिली हार सहित तमाम पहलुओं पर चर्चा करेगी। एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि मौजूदा हालात में कांग्रेस के साथ तालमेल के लिए बीच का रास्ता चुनना होगा। हम भाजपा को वामपंथ, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक दलों के विभाजन का लाभ लेने नहीं दे सकते।

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