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क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगे 20 करोड़ रु

नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टोकरेंसी (डिजिटल मनी) में निवेश के माध्यम से आकर्षक लाभ का झांसा देकर 900 लोगों से ठगी के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। अभी तक की जांच में करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है।संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले शकूरपुर निवासी व्यवसायी विनोद कुमार ने साढ़े सात लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी तरह, सोनीपत निवासी र¨वद्र सैनी ने 37 बिटक्वाइन के माध्यम से करीब चार करोड़ रुपये के ठगी की शिकायत साइबर क्राइम सेल में दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए इंस्पेक्टर संदीप मल्होत्र एवं एसआई अजय कुमार गुप्ता की टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी आशीष मलिक एवं संदीप कौशिक को गुरुवार को द्वारका से गिरफ्तार किया गया है।

– रूसी पेट्रो कम्पनी के नाम पर देते थे झांसा
पुलिस को जांच में मालूम हुआ कि आरोपियों ने रूसी पेट्रो कम्पनी रोजनेफ्ट के नाम पर रोजनेफ्ट हेज फंड की स्थापना की। उन्होंने आकर्षक लाभ का झांसा देकर लोगों से नगदी और बिटक्वाइन के जरिए निवेश कराया। फिर उन्होंने बिटक्वाइन की तरह अपनी क्रिप्टोकरेंसी आरएचएफ क्वाइन और बाद में आरएचएफ गोल्ड बनाई। उन्होंने निवेशकों से कहा कि अभी इसकी कीमत तीन रुपये है और बाद में बिटक्वाइन की तरह लाखों रुपये कीमत पहुंच जाएगी। इस तरह आरोपियों ने निवेशकों के रुपये क्रिप्टोकरेंसी में लगा दिया। बाद में पैसा डूबने पर ये दूसरी क्रिप्टोकरेंसी बना ली। आशीष ने एमबीए की डिग्री ली है और संदीप ने बीए किया हुआ है। संदीप ने लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी में काम किया और इसी दौरान उसकी मुलाकात आशीष और सुनील से हुई। इन्होंने मिलकर मल्टीलेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के जरिए निवेश के लिए लोगों को आकर्षित करना शुरू किया। इस दौरा उन्होंने आठ फीसदी, 11,14 और 17 फीसदी तक के ब्याज का झांसा दिया। इन्होंने अपनी क्रिप्टोकरेंसी इस साल जनवरी माह से शुरू की थी।

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