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मुसलमान देश के लिए कुर्बानी को तैयार!

अयोध्या मामले पर हाजी महबूब का बड़ा बयान, मोदी से मिलेंगे उलेमा
मस्जिद कहीं और बनाएंगे

अयोध्या,ईएमएस। अयोध्या के विवादास्पद ढांचे पर सुप्रीम कोर्ट में बहस की तारीख तय हो चुकी है। राम जन्म भूमि मामले पर सुनवाई 14 मार्च को होगी। इस बीच, राम मंदिर मामले में मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने बयान देकर सनसनी फैला दी है। हाजी ने कहा कि देश के लिए मुसलमान त्याग करेंग। सुन्नी वक्फ बोर्ड के हाजी महबूब ने बताया कि मार्च में उलेमा बैठक करेंगे और विवाद पर चर्चा करेंगे। बैठक के बाद सभी उलेमा पीएम मोदी से मिलेंगे। हाजी महबूब ने कहा कि मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि हम वहां मस्जिद नहीं बना रहे। विवाद को लेकर मार्च में उलेमाओं की बैठक होगी, जिसमें विवाद पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के बाद हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। उम्मीद है पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ये विवाद सुलझा लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मुसलमान देश के लिए कुर्बानी देंगे।

पहले कहा था- मस्जिद नहीं हटाएंगे

देश के लिए मुसलमानों की कुर्बानी पर सहमति जताने वाले हाजी महबूब ने शुक्रवार की सुबह कहा था कि मस्जिद शिफ्ट नहीं करेंगे।

श्रीश्री का फॉर्मूला मुस्लिम धर्मगुरु को मंजूर

सुप्रीम कोर्ट में जारी अयोध्या मामले की सुनवाई के बीच बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के विषय पर अपनी मध्यस्थता की कोशिशें फिर तेज हो गई हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रमुख सदस्यों के साथ बात की। इस बैठक में एआईएमपीएलबी और सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों सहित मुस्लिम नेताओं के साथ एक बैठक की। बैठक के बाद एओएल ने बताया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के प्रमुख सदस्यों और अन्य ने रविशंकर से मुलाकात की और अयोध्या विषय का अदालत के बाहर हल किए जाने का समर्थन किया। एओएल ने एक बयान में कहा,उन्होंने मस्जिद को बाहर कहीं दूसरी स्थान पर ले जाए जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। कई मुस्लिम हितधारक इस विषय में सहयोग कर रहे हैं।

वकील ने समझौते से किया इनकार

राम मंदिर-मस्जिद मामले में वकील जफरयाब जिलानी ने किसी भी समझौते से इनकार किया है। उनका कहना है कि हम श्रीश्री का फॉर्मूला किसी भी तरह से स्वीकार नहीं है। मामले में पक्षकार हाजी महबूब ने भी इस फॉर्मूले को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि वहां पर मस्जिद नहीं बनेगी, लेकिन वह जमीन हमें चाहिए। हम जन्मभूमि से अलग क्यों बनवाएं, हमारी जमीन को छोड़ दिया जाए।

विहिप ने बनाई दूरी

विहिप ने इस मुद्दे पर मध्यस्थता करने की आध्यात्मिक नेता की कोशिशों से अपनी दूरी बना ली है। पिछले साल नवंबर में कर्नाटक के उडुपी में हुए धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और विहिप ने रविशंकर द्वारा उन्हें विश्वास में लिए बगैर अयोध्या विवाद का हल किए जाने की कोशिशों की सराहना नहीं की थी। रविशंकर ने पिछले साल नवंबर में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी।

नहीं होगा समझौता

बयानबाजी के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और वक्फ बोर्ड हरकत में आया और ये संदेश देने की कोशिश की गई कि इस तरह के किसी बयान की कोई अहमियत नहीं है। वक्फ बोर्ड अपने रुख पर कायम है। अभी अदालत से बाहर समझौते की कोई सूरत नहीं बनी है।

श्री श्री को सुर्खियों में रहने की आदत

श्री श्री पर तंज कसते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश उग्रवाल ने कहा कि श्री श्री को मीडिया सुर्खियों में रहने की आदत हो गई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति ने कहा कि कोई कोशिश कर रहा है तो इसकी तारीफ होनी चाहिए।

28 साल बाद फिर निकलेगी राम रथयात्रा

28 साल पहले लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राम रथयात्रा निकाली थी। अब महाराष्ट्र की संस्था रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी और विश्व हिंदू परिषद ने एक बार फिर से रामराज्य रथयात्रा निकालने का फैसला किया है। यह रथयात्रा अयोध्या से तमिलनाडु के रामेश्वरम तक निकाली जाएगी। इस यात्रा का एजेंडा भी 28 साल पहले निकाली गई रथयात्रा की तरह अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर बनाए जाने की मांग है। कारसेवकपुरम हाउसिंग की तरफ से प्रस्तावित राम मंदिर को लेकर कार्यशाला महाशिवरात्रि के दिन 13 फरवरी को प्रस्तावित है।

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