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अमेरिकी बाजार में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर

नई दिल्ली, (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार में जिस तरह शेयरों के रेट में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। यह कहा जा रहा है कि वैश्विक बाजारों का असर भारतीय बाजार में पड़ रहा है। पिछले कई वर्षो से भारतीय शेयर बाजार को मुनाफा वसूली करने का बाजार बन गया गया था। देशी एवं विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में सट्टेबाजी करके समय-समय पर मुनाफा वसूली कर रहे थे। केंद्र सरकार ने शेयर बाजार मे वित्तीय संस्थाओं से बड़ा निवेश कर मुनाफा वसूली से बाजार को बचाने का काम किया। जिसके गिरावट के इस दौर में 2008 में जिस तरह अमेरिका आर्थिक मंदी का शिकार हुआ था। उसका असर सारी दुनिया पर पड़ा था।

अब यही स्थिति भारत की हो सकती है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में सटोरियों का कब्जा था। वर्तमान में भारत के बैंकों का एनपीए10 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गया है। शेयर बाजार की गिरावट से भारतीय बैंकों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। नोट बंदी और जीएसटी के बाद आर्थिक मंदी के इस दौर में शेयर बाजार की गिरावट भारतीय अर्थ व्यापार का भट्टा बिठा सकती है।

खराब वै‎श्विक संकेतों के चलते मंगलवार के कारोबारी ‎दिन घरेलू बाजारों ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की है। निफ्टी 10300 के नीचे फिसल गया है। सेंसेक्स और निफ्टी में 3-3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है ‎कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट की वजह से भारतीय शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। उनका मानना है ‎कि ‎गिरावट का यह दौर अभी कुछ ‎दिन और चल सकता है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 4.5 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 4.8 फीसदी की कमजोरी आई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 4.5 फीसदी लुढ़का है। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1005 अंक गिरकर 33,751 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 300 अंक की गिरावट के साथ 10,367 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बाजार में कारोबार के इस दौरान दिग्गज शेयरों में टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स डीवीआर, एक्सिस बैंक, इंडियाबुल्स हाउसिंग, वेदांता, यूपीएल, आईसीआईसीआई बैंक और यस बैंक 6.6-4 फीसदी तक लुढ़के हैं। बीएसई और एनएसई में शामिल सभी शेयर लाल निशान में नजर आ रहे हैं।मिडकैप शेयरों में अदानी पावर, रिलायंस इंफ्रा, सीजी कंज्यूमर, जिंदल स्टील और रिलायंस कैपिटल 8.7-6 फीसदी तक लुढ़के हैं। बीएसई के मिडकैप इंडेक्स में शामिल सभी शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। स्मॉलकैप शेयरों में डाटामैटिक्स ग्लोबल, जेबीएम ऑटो, सेंटम इलेक्ट्रॉन, सागर सीमेंट और संगम इंडिया 13.6-10.3 फीसदी तक कमजोर हुए हैं। हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में अहलूवालिया, रूशील डेकोर, ओरिएंटल वीनियर, मनाली पेट्रो और एफआईईएम इंडस्ट्रीज 9-2.4 फीसदी तक उछले हैं।

एशियाई बाजारों में तेज गिरावट

मुंबई (ईएमएस)। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। जापान का बाजार निक्केई 1,115 अंक की भारी गिरावट के साथ 21,567 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 1,005 अंक गिरकर 31,240 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं एसजीएक्स निफ्टी 300 अंक की कमजोरी के साथ 10,395 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 2.8 फीसदी गिरा है, जबकि स्ट्रेट्स टाइम्स में 2.3 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है। ताइवान इंडेक्स 307 अंक की गिरावट के साथ 10,640 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजारः डाओ जोंस 1175 अंक ‎गिरकर बंद

मुंबई (ईएमएस)। महंगी बांड यील्ड ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं अमेरिकी बाजारों में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी बाजार अपने शिखर से 7 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं। सोमवार के कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 1,175.2 अंक की भारी गिरावट के साथ 24,345.75 के स्तर पर बंद हुआ है। एक समय डाओ जोंस 1500 अंक टूट गया था। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 113.2 अंक गिरकर 2,649 के स्तर पर बंद हुआ है। साथ ही नैस्डैक 273.4 अंक की कमजोरी के साथ 6,967.5 के स्तर पर बंद हुआ है। आपको मालूम हो ‎कि 2008 के वित्तीय संकट के दौरान डाओ जोन्स 777 अंक गिरा था।

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