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96.62 करोड़ के नोट रखने वाले व्यापारी को भरना पड़ेगा 483 करोड़ रु का जुर्माना!

नई दिल्ली (ईएमएस)। 96.62 करोड़ रुपये के पुराने नोट रखने के मामले में आरोपी कानपुर के व्यापारी आनंद खत्री को 483 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। खत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा और बैंक नोट्स (देयताओं का समाप्ति) अधिनियम 2017 के तहत केस दर्ज किया गया है। नियम के मुताबिक, पुरानी करेंसी रखने पर जेल जाने के साथ बरामद रकम पर पांच गुना आयकर देना होता है। जमा न करने की स्थिति पर इसकी रिकवरी उनकी चल-अचल संपत्ति से किए जाने का प्रावधान है। इस बारे में सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट के पूर्व चेयरमैन विवेक खन्ना ने मीडिया को बताया कि पुरानी करेंसी रखने पर फाइन के रूप में पांच गुना आयकर देना होता है। इस तरह देखा जाए तो खत्री के पास पकड़ाए 96।62 करोड़ रुपये के बदले उन्हें 483।1 करोड़ रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।
क्या है नियम?
संसद ने पिछले साल निर्दिष्ट बैंक नोट (देनदारी दायित्व समाप्ति) कानून, 2017 पारित किया गया था। इसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने पास 500 और 1000 रुपये के 10 से अधिक पुराने नोट रखा हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 10 हजार रुपये जुर्माने भरना पड़ेगा। हालांकि, रिसर्च, स्टडी और मुद्रा शास्त्र के उद्देश्य से 25 नोट रखने की छूट है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये या फिर जब्त की गई राशि का पांच गुना (जो भी अधिक हो) वसूल किया जा सकता है। नोटबंदी के बाद इस कानून को पारित करने का मकसद 500 और 1,000 रुपये के बंद किए जा चुके नोटों का इस्तेमाल करते हुए समानान्तर अर्थव्यवस्था चलाने की संभावनाओं को समाप्त करना है।

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