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मोदी आदमी बड़ा नीच किस्म का लगता है: मणिशंकर अय्यर

  • चायवाले बयान के बाद अब मणिशंकर अय्यर ने फिर प्रधानमंत्री के लिए कहे अपशब्द
  • मैं भले नीच जाति का हूं लेकिन काम ऊंचे किये हैं : मोदी
  • पहले चरण का मतदान 9 को, थमा प्रचार
  • 9 नवंबर को पहले चरण की 89 सीटों पर वोटिंग में नुकसान पहुंचा सकता है बयान
  • दूसरे चरण के प्रचार के लिए राहुल का तूफानी चार दिवसीय गुजरात दौरा, 8 से 11 दिसंबर तक गुजरात में रहेंगे
  • कांग्रेस ने अय्यर से मांफी मांगने को कहा

नई दिल्ली ( ईएमएस)। डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर तंज कसा। इसके विरोध में कांग्रेस नेता व पूर्व नौकरशाह मणिशंकर अय्यर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अय्यर ने कहा- मुझको ये आदमी बहुत नीच किस्म का लगता है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौके पर इस तरह की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल का नाम लिए बगैर कहा था, ‘राहुल का नाम लिए बगैर कहा कि जो राजनीतिक दल बाबा साहब का नाम लेकर राजनीति करते हैं, उन्हें अब बाबा साहब नहीं, बाबा भोले ज्यादा याद आ रहे हैं।

Ó अय्यर वही नेता हैं जिन्होंने मोदी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी घोषित होने के बाद 16 जनवरी 2014 को प्रधानमंत्री को चायवाला बताया था। तब वे बोले थे- एक चायवाला प्रधानमंत्री बनने के लायक नहीं होता। इस बयान को भाजपा ने हर रैली में भुनाया था और लोकसभा चुनाव में चायवाला एक नारा बन गया था, इसके बाद भाजपा जबरदस्त बहुमत के साथ सरकार में आई थी। अब राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अय्यर का नीच वाला बयान गुजरात के दलित वर्गों का वोट भाजपा को फायदा पहुंचायेगा।

क्या बोले अय्यर

मणिशंकर अय्यर ने कहा, जो अंबेडकर जी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था, उनका नाम था जवाहर लाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकर जी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।

क्या बोले थे मादी

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर के उद्घाटन के वक्त बोले थे- हमें स्वीकारना होगा कि हम बाबा साहब के सपनों को पूरा नहीं कर पाए। आज की पीढ़ी में वो क्षमता है जो सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकती है। ये देश जाति के नाम पर बंटकर वैसा आगे नहीं बढ़ पाएगा, जैसा उसे बढऩा चाहिए।

नरेंद्र मोदी का मणिशंकर अय्यर को जवाब

मैं भले ही मेरी जाति कोई भी हो, लेकिन काम ऊंचे किये हैं, मेरे संस्कार ऊंचे हैं

सूरत। दिल्ली में अंबेडकर सेंटर के उद्घाटन के बाद गुजरात में चुनाव प्रचार करने सूरत के लिंबायत पहुंचे। अय्यर के बयान पर उन्होंने प्रतिवार करते हुए कहा- एक नेता हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी से उन्होंने डिग्री ली है। वे भारत के राजदूत रहे हैं। विदेश सर्विस के बड़े अफसर रहे हैं। मनमोहन सरकार में वे जवाबदार मंत्री थे। उन्होंने आज एक बात कही। श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मोदी नीच जाति का है। मोदी नीच है। …भाइयो-बहनो! ये अपमान गुजरात का है। ये भारत की महान परंपरा है? मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। गुजरात की संतानें इस तरह की भाषा का तब जवाब दे देगी, जब चुनाव के दौरान कमल का बटन दबेगा। मुझे भले ही नीच कहा है। लेकिन आप लोग अपनी गरिमा मत छोडि़एगा।

क्या ये जातिवाद नहीं है? क्या ये हमारे देश के दलितों का अपमान नहीं है? क्या ये मुगलों की मानसिकता नहीं है, क्या ये सामंतवादी मानसिकता नहीं है? क्या उन्होंने मुझे नीच नहीं कहा? लेकिन, हमारे संस्कार इस तरह की भाषा की इजाजत नहीं देते। आप इसका जवाब वोटिंग मशीन से दीजिए। बताइए उन्हें कि नीच कहने का क्या मतलब होता है? क्या आप देश के किसी नागरिक को नीच कह सकते हैं? कांग्रेस के महारथियो! आप मुझे भले ही नीच जाति और नीच कहते हों। लेकिन, मैं सबकी सेवा के लिए यहां आया हूं। यही काम गांधी जी ने किया था। तुम्हारी बात-तुम्हें मुबारक, मुझे नीच कहने का साहस दिखाया। लेकिन, मैं काम इस देश के लिए और ऊंचे करता हूं और साफ करता हूं। आप जिन्हें नीच कहते हैं , वो आपको कुछ सबक तो सिखा चुके हैं अब आगे और सिखाएंगे। तैयार हो जाइए।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से पूछा नौवां सवाल

  • किसानों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ट्विटर के जरिए अपना नौवां सवाल पूछा है। यह सवाल गुजरात और देश भर के किसानों की हालत पर है। राहुल ने सवाल किया कि न ही किसानों के कर्ज माफ किए गए, न ही उन्हें फसल का सही दाम दिया गया, उन्हें फसल बीमा राशि भी नहीं दी गई और न उनके लिए ट्यूबवेल का इंतजाम किया गया। राहुल ने लिखा है कि खेती पर गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) का बहुत बुरा असर हुआ है। किसानों की जमीन छीन ली गई है। उन्होंने सवाल किया कि खेडुत (गुजरात के एक गांव) के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया गया?

इससे पहले राहुल गांधी महंगाई, शिक्षा, महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और न्याय पर भी सवाल पूछ चुके हैं। दो दिन पहले राहुल ने महंगाई को लेकर सवाल पूछा था, जिसे आंकड़ों की गलतियों के चलते डिलीट कर दिया गया था। बुधवार को राहुल गांधी ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी और लिखा कि वह इंसान हैं और उनसे गलतियां हो सकती हैं। बता दें कि राहुल गांधी मोदी से गुजरात में बीजेपी की 22 सालों की सरकार का हिसाब मांग रहे हैं। इसके लिए वह सोशल मीडिया पर हर दिन एक सवाल पूछ रहे हैं।

राहुल ने अय्यर से मांफी मांगने को कहा

विवादित बयान के बाद राहुल गांधी के आधिकारिक ट्वीटर पर ट्वीट हुआ- भाजपा और प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। कांग्रेस की संस्कृति और विरासत अलग है। श्री मणिशंकर अय्यर ने भारत के प्रधानमंत्री के लिए जिस लहजे और भाषा का प्रयोग किया है वह गलत है। कांग्रेस और मैं चाहते हैं कि वो अपने बयान के लिए माफ़ी मांगे।

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