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बाघेला के जाते ही कांग्रेस के अच्छे दिन लौटे

अहमदाबाद (ईएमएस)। गुजरात में पिछले 22 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी का शासन है। कांग्रेस में शंकर सिंह वाघेला लगभग 20 वर्षों से सर्वोसर्वा बने हुए थे। उनके समय में कांग्रेस कई गुटों में बटी हुई थी। जिसके कारण पिछले 4 चुनाव में कांग्रेस, गुजरात में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।
भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आए शंकर सिंह बाघेला को कभी गुजरात का बड़ा पावरफुल नेता माना जाता था। कांग्रेस भी उनके पावर के आगे नतमस्तक थी। पिछले 20 वर्षों में उन्होंने गुजरात में अपनी मनमर्जी से कांग्रेस संगठन को चलाने और टिकट वितरण करने का काम किया। जिसके कारण कांग्रेस कई गुटों में बंटकर कमजोर हो गई थी।

शंकर सिंह वाघेला के कांग्रेस छोड़ने के बाद से राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संगठन को पुनर्गठित करने का काम किया। उनके दिए गए एक साक्षात्कार के अनुसार शंकर सिंह बाघेला के कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस में एक नई ऊर्जा देखने को मिली। सभी गुट जो किसी न किसी कारण से शंकर सिंह वाघेला के कारण गुटबाजी में फंसे हुए थे। वह राहुल गांधी के नेतृत्वशीलता में ना केवल एकजुट हुए वरन, पूरे जोश के साथ उन्होंने काम शुरु किया जो आश्चर्यजनक है।

शंकर सिंह वाघेला के कांग्रेस से जाने के बाद कांग्रेस एक बार फिर पूरी ऊर्जा के साथ मैदान में डट गई है। इससे लोग यह भी कहने लगे हैं कि भारतीय जनता पार्टी से आए शंकर सिंह वाघेला का कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रति साफ्ट कार्नर था। जिसके कारण पार्टी हमेशा दोयम दर्जे में गुजरात में बनी रही। उनके जाते ही पार्टी में कायाकल्प हो गया है।

 

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