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नर्मदा का ८८ फीसदी पानी किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाता है’

औद्योगिक क्षेत्र समेत ५२ गांवों में पेयजल मुहैया कराने को ४३० करोड़ की योजनाः मुख्यमंत्री

राजकोट (ईएमएस)| मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि शापर-वेरावळ औद्योगिक क्षेत्र तथा आसपास के ५२ गांवों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए ४३० करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है, जिसके साकार होने से क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा। यह बात उन्होंने शुक्रवार को राजकोट के शापर-वेरावळ औद्योगिक क्षेत्र में ५१.५५ करोड़ रुपये के खर्च से निर्मित सीमेंट की सड़कों के लोकार्पण तथा फायर स्टेशन के भूमिपूजन अवसर पर कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोट के औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई भारतीय उपग्रहों सहित दुनिया की जानीमानी कंपनियों को की जाती है, जो इस क्षेत्र के उद्योगकारों की कुशल दृष्टि एवं कौशल का परिणाम है। इस सरकार को सिर्फ उद्योगपतियों की सरकार बताए जाने के आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा नर्मदा का ८८ फीसदी पानी किसानों को सिंचाई के लिए मुहैया कराया जाता है। जबकि १० फीसदी पानी पीने के लिए तथा सिर्फ २ फीसदी पानी ही उद्योगों को दिया जाता है।

रूपाणी ने कहा कि भूतकाल में पानी की किल्लत का सामना करने वाले सौराष्ट्र में नर्मदा आधारित सौनी योजना के तहत ११५ बांधों को भरा जाएगा जिससे किसानों, उद्योगकारों तथा लोगों के लिए पानी की समस्या बीते कल की बात बन जाएगी और सौराष्ट्र के विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता नहीं बल्कि संपूर्ण बेरोजगारी उन्मूलन के लिए उनकी सरकार ने राज्य में अधिकाधिक रोजगार पैदा करने का निरंतर प्रयास किया है। राज्य सरकार ने वर्ष २०१६-१७ में ८० हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। वहीं, विभिन्न निजी क्षेत्रों में दस लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। इस तरह, गुजरात ने कुल ८३ फीसदी रोजगार प्रदान कर समग्र देश में रोजगार के क्षेत्र में अव्वल स्थान अर्जित किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी वर्ग के लोगों को रोजगार मिल सके, इसके लिए ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ जैसी विविध योजनाएं शुरू की हैं, जिनके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए दस नई औद्योगिक बसावटें स्थापित करने और उनके विकास के लिए १००० करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक जोन के विकास के लिए संबंधित जीआईडीसी में एसोसिएशन की भूमिका अहम होती है। शापर-वेरावळ औद्योगिक जोन के एसोसिएशन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस संगठन ने लगातार सक्रिय रहते हुए औद्योगिक क्षेत्र के रोड-रास्तों सहित अन्य छोटी-बड़ी समस्याओं का सफलतापूर्वक निराकरण कर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

सांसद मोहनभाई कुंडारिया ने कहा कि शापर-वेरावळ औद्योगिक जोन की ट्रैफिक समस्या के निराकरण के लिए सरकार द्वारा दो ओवरब्रिज के निर्माण की मंजूरी देकर उसके लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर तेज गति से कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस कार्य के पूरा होने से यातायात समस्या हल हो जाएगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
सतीश/22 सितंबर

 

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