Widgetized Section

Go to Admin » Appearance » Widgets » and move Gabfire Widget: Social into that MastheadOverlay zone

खालिस्तान समर्थक उग्रवादियों को खत्म करने में पाक ने की थी भारत की मदद

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल की घटना

नई दिल्ली (ईएमएस)। वर्तमान में चाहे आतंकवादियों पर नकेल कसने का मामला हो या पाकिस्तान में पनाह ले रहे आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित करने का, कई बार कहने के बाद भी पाकिस्तान भारत की चिंताओं पर कभी ध्यान नहीं देता। भारत सरकार लगातार आतंकियों की सूची और हमलों के सबूतों से संबंधित डोजियर लगातार भेजते हैं, लेकिन पाकिस्तान कार्रवाई के बजाय टालमटोल करता रहता है। ऐसी धुर विरोधी व्यवहार के बाद भी एक मामले में पाकिस्तान ने खुलकर भारत की मदद की थी। मदद भी इतनी, जिसके बारे में भारत को भी उम्मीद नहीं थी। बात दे कि यह मामला था खालिस्तान समर्थक उग्रवादियों को खत्म करने का। किस्सा उस दौर का है जब पंजाब में उग्रवाद चरम पर था। सिखों का एक धड़ा अपने लिए अलग देश ‘खालिस्तान’ की मांग कर रहा था और एक तेजतर्रार सिख भिंडरावाले इनका नेतृत्व कर रहा था। इन्होंने न सिर्फ भारत के पंजाब वाले हिस्से में, बल्कि पाकिस्तानी हिस्से वाले पंजाब में भी अपनी जड़ें जमा ली थीं। संगठन ने बाकायदा अपने पासपोर्ट जारी करना शुरू कर दिए थे एक स्वतंत्र देश की तरह सेना भी बना ही ली थी। खालिस्तान की मांग नासूर की तरह बढ़ती जा रही थी और यह भारत की संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा बन रही थी।इसलिए खालिस्तान को खत्म करना तत्कालीन इंदिरा सरकार के लिए चुनौती बन गया था।

इसी बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कड़ा निर्णय लिया और भिंडरावाले व उसके समर्थकों को भारतीय सेना ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में घेरकर मार डाला। इससे पंजाब में उग्रवाद कम तो हुआ,लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। उग्रवादी भारत में हमलों को अंजाम देकर पाकिस्तानी क्षेत्र वाले पंजाब में शरण लेकर अपने को सुरक्षित करते थे तब भारत सरकार ने पाकिस्तान से उन पर कार्रवाई करने को कहा। आश्चर्यजनक रूप से पाकिस्तान ने सिर्फ ऐसे उग्रवदियों पर कड़ी कार्रवाई की, बल्कि उनकी सही-सही सूची भी भारत को सौंप दी। इससे भारत को बहुत लाभ हुआ और पंजाब का उग्रवाद धीरे-धीरे कुचल दिया गया। हालांकि पाकिस्तान द्वारा भारत की मदद के पीछे उसका अपना स्वार्थ भी था। यदि वह मदद नहीं करता तो ये उग्रवाद उसके हिस्से वाले पंजाब को भी अशांत क्षेत्र में बदल देता।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *