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समोसा, जलेबी, गुलाब जामुन नहीं हैं हिंदी के शब्द

चाय का शब्द भी हिंदी नहीं, चीन से आया

नई दिल्ली (ईएमएस)। 14 सिंतबर यानि गुरुवार को पूरा देश हिंदी दिवस मानाएगा। 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने की बहस छेड़ी थी, लेकिन 1949 में संविधान सभा ने उसे सिर्फ राजभाषा ही बनाया। आज भी हिन्दी राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई। खानपान के ऐसे कई शब्द हैं जो हिन्दी के नहीं है, लेकिन लोगों को लगता है वे हिन्दी ही हैं।

समोसा : समोसा पर्शियन शब्द है। समोरा ईरान से आया। असली नाम सम्बुसक है। मध्य एशियाई देशों में इसे सोम्सा कहा जाता है। अफरिकन देशों में इसे सम्बुसा कहा जाता है।

जलेबी : जलेबी अरबी शब्द जलेबिया से बना है। पर्शियन में भी यह प्रसिद्ध है।

गुलाब जामुन : गुलाब जामुन पर्शियन शब्द है। गुल का मतलब- फूल और जामुन का मतलब होता है पानी। अरब देशों में यह लुकमत-अल-कादी नाम से जाना जाता है।

अचार : आचार भी पर्शियन है। जिसका मतलब होता है, नमक, सिरके और शहद में अच्छे से मिक्स करके रखे गए फल या सब्जियां।

अनानास : अनानास दक्षिणी अमेरिकन शब्द है।

चाय : चाय चीन से लिया गया शब्द है। चीन की मैंडरीन और कैंटनीज भाषा में इसे चा कहते हैं। इसका मतलब होता है चाय की पत्ती।

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