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ब्लू व्हेल ही नहीं, पांच दूसरे गेम भी हैं जानलेवा

नई दिल्ली। ब्लू व्हेल नामक ऑनलाइन खूनी गेम अब भारत में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका हैं। इस गेम से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों ने जांन गंवाई हैं। इस गेम का विकास फिलिप बुडेकिन नाम के एक व्यक्ति ने 2013 में किया था। इस गेम के जरिए रूस में आत्महत्या का पहला मामला 2015 में सामने आया था। इसके बाद अनेक लोगों ने यह गेम खेलते हुए अपनी जान गवां दी। हालांकि यह दुनिया का अकेला ऐसा गेम नहीं हैं, जो लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। पांच दूसरे ऐसे ही जानलेवा गेम हैं, जो लोगों की जान लेने के लिए कुख्यात हैं।

पोकेमॉन गो- इस गेम्स को खेलने वाले लोग दुनिया से बेखबर अपने मोबाइल पर पोकेमॉन को ढूंढ़ते रहते हैं। इस गेम को खेलने वालो में इसका नशा इस कदर हावी होता है कि वे कई बार नदी तालाबों, ऊंची चट्टानों और इमारतों आदि से कूद पड़ते हैं। इस गेम के चाहने वाले पोकेमॉन ढूंढ़ते हुए बड़े पैमाने पर सड़क हादसों का शिकार हुए हैं। पूरी दुनिया में इस गेम से कई लोगों ने अपनी जान गवांई है।
वैंपायर बिटिंग- यह एक ऐसा गेम है, जिसमें खिलाडी को गेम खेलते समय अपनी रियल लाइफ में वैंपायर की तरह से हाव- भाव अपनाने होते हैं। इसमें खिलाड़ी को लोगों को अपने दांतों से काटना होता हैं। काटने की वजह से खून का संपर्क सीधे मुंह से होता है और इसलिए इसमें संक्रमण जैसी जानलेवा बीमारी से मौत भी हो जाती है।

द कार सर्फिंग चैलेंज – इस गेम में खिलाड़ी को अपनी चलती कार की छत पर, कार के हुड पर या चलती कार के बंपर पर खड़े होने को कहा जाता है, जिससे कई बार खिलाड़ी अपना नियंत्रण खो कर दुर्घटना का शिकार जाता है। ऐसे अनेक घटनाएं हैं, जिनमें लोग ऐसा करते हुए जान गवां बैठे।

काइली लीप चैलेंज- इसमें कांच की बोतल के अंदर होंठ डालने के बाद अंदर की ओर खींचा जाता है। कुछ मिनट तक लगातार ऐसा करने से होंठ फूल जाता है और भयानक दर्द होता है। इस गेम में कई बार कांच टूट कर मुंह के अंदर भी चला जाता है, जिससे जान जाने का खतरा होता है। ऐसा करते हुए अनेक लोगों की जानें जा चुकी हैं।

द चोकिंग गेम- इसमें एक खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी का गला दबा कर देखता है कि वह उसकी बर्दाश्त करने की क्षमता कितनी है। बच्चे गेम जीतने के चक्कर में बर्दाशत करने की समान्य हद से बाहर चले जाते हैं और जान से हाथ धो बैठते हैं। सांस रोकने की वजह से गेम खेलने वाला बेहोश हो जाता है। बेहोशी की वजह से उसके मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। अनेक घटनाओं में इस तरह मौत हो गई।

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