Widgetized Section

Go to Admin » Appearance » Widgets » and move Gabfire Widget: Social into that MastheadOverlay zone

 विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिये कैमरों को हैक कर सकती है सीआईए

ऑपरेटिंग कैमरों को बंद करने के मकसद से ‎किया जा रहा इसका उपयोग

वॉशिंगटन (ईएमएस)। विकीलीक्स ने अब सीआईए के कुछ नए टूल्स का खुलासा किया है, जिसका उपयोग वह साइबर ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए कथिततौर पर कर रहा है। इस बार यह विशेष रूप से ऑपरेटिंग कैमरों को बंद करने के मकसद से इसका उपयोग कर रहा है, ताकि किसी मिशन को अंजाम देने के दौरान उसके एजेंट्स की गतिविधियां कैमरे में कैद नहीं हो सकें। इसे डम्बो कहा जाता है। टूल्स का यह सेट कैमरे, माइक्रोफोन और निगरानी सॉफ्टवेयर को ब्लॉक कर सकता है। इसके अलावा यह ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी स्कैन कर सकता है और फाइल्स को ऐसे करप्ट कर सकता है कि उन्हें दोबारा रिकवर नहीं किया जा सके। विकीलीक्स के मुताबिक डमबो 3.0 वर्जन तक पहुंचा है, जो विंडोज एक्सपी से लेकर बाजार में मौजूद सभी विंडोज के लिए सपोर्ट मुहैया करा रहा है। हालांकि यह 64-बिट वर्जन को सपोर्ट नहीं करता है।

वेबकैम का उपयोग करने वाली प्रॉसेस को बेकार करने की क्षमताएं डमबो में हैं। वह किसी भी वीडियो रिकॉर्डिंग को खराब कर सकता है, जिससे फिजिकल एक्सेस ग्रुप (एजेंड) को खतरा हो सकता है। फिजिकल एक्सेस ग्रुप (पीएजी) साइबर इंटेलिजेंस सेंटर (सीसीआई) के अंदर की ही एक शाखा है, जिसका काम सीआईए फील्ड ऑपरेशंस में कंप्यूटर को टार्गेट करके फिजिकल एक्सेस को हासिल करना है। हालांकि डमबो के लिए टार्गेट कंप्यूटर तक फिजिकल एक्सेस की जरूरत होती है क्योंकि एप्लीकेशन को यूएसबी स्टिक के जरिये लॉन्च किया जा सकता है, जिसे कम्प्यूटर में प्लग-इन करने की जरूरत होती है। इसके बाद डमबो सिस्टम को खराब कर देता है, जो सर्विलांस डिवाइस और सॉफ्टवेयर को बंद कर देते हैं।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *