Widgetized Section

Go to Admin » Appearance » Widgets » and move Gabfire Widget: Social into that MastheadOverlay zone

पेस-भूपति विवाद पर एआईटीए की हिदायत

कहा-हम दोनों से परिपक्व व्यवहार की उम्मीद करते हैं
नई दिल्ली । अखिल भारतीय टेनिस संघ ने वरिष्ठ खिलाड़ियों पेस भूपति के बीच चल रहे विवादों पर कहा है कि डेविस कप कप्तान महेश भूपति को लिएंडर पेस के प्रति सम्मान दिखाते हुए उन्हें यहां पहुंचने से पहले स्पष्ट तौर पर कहना चाहिए था कि वह उज्बेकिस्तान के खिलाफ टीम का हिस्सा नहीं होंगे। गौरतलब है कि डेविस कप चयन को लेकर इन दोनों खिलाड़ियों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी चली। जहां पेस ने कहा कि भूपति ने उनके प्रति अपमानजनक रवैया अपनाया और उन्हें सीधे नहीं बताया कि वह खेलने वाली टीम में नहीं हैं। वहीं कप्तान भूपति ने कहा कि उन्होंने कभी पेस से किसी स्थान का वादा नहीं किया था।
एआईटीए के महासचिव हिरणमय चटर्जी ने कहा कि गैरखिलाड़ी कप्तान को भारतीय टेनिस में पेस के रूतबे को ध्यान में रखना चाहिए था। चटर्जी ने कहा कि अगर महेश ने लिएंडर के पहुंचने से पहले उन्हें बता दिया होता कि वह अंतिम चार खिलाड़ियों में शामिल नहीं है तो हम उसकी तारीफ करते। मुझे लगता है कि देश के लिये 27 साल तक खेलने के बाद वह (पेस) इस सम्मान का हकदार है।’इस सीनियर अधिकारी ने कहा कि वह इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों से परिपक्व व्यवहार की उम्मीद करते हैं। पेस ने आरोप लगाया था कि उन्हें टीम से बाहर करने के लिए भूपति ने अपने पद का उपयोग किया। इसके जवाब में भूपति ने कल दोनों के बीच हुई बातचीत को सार्वजनिक किया था। चटर्जी ने कहा, ‘हम इन सीनियर खिलाड़ियों से अधिक परिपक्वता की उम्मीद करते हैं। इस मसले को लेकर उन्होंने जिस तरह का व्यवहार किया वह हमें पसंद नहीं है। हम उनसे बात करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अधिक परिपक्व तरीके से व्यवहार करें।’चटर्जी ने कहा कि पेस को मुकाबले के दौरान बाहर किये जाने को लेकर टिप्पणी करने से बचना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि जब मुकाबला चल रहा था तब लिएंडर को इस पर बात नहीं करनी चाहिए थी। महेश ने सही किया कि उन्होंने मुकाबला समाप्त होने के बाद इस पर बात की। सीनियर एआईटीएफ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने पेस और भूपति के बीच वाट्सएप पर बातचीत देखी थी और उनका प्रयास अब उन्हें साथ में बिठाकर मामला सुलझाना है। उन्होंने कहा, ‘मैंने भी इसे देखा था और इस पर लिएंडर से बात की।जब भी मुझे समय मिलेगा। मैं उन दोनों के साथ बैठकर इस मसले पर बात करूंगा। मेरा इरादा उन दोनों को साथ में लाना है। उन्हें इसे सुलझाना होगा। वे परिपक्व हैं लेकिन उन्होंने जो प्रतिक्रिया की वह और बेहतर हो सकती थी। ’
भूपति ने अपनी फेसबुक पोस्ट में उल्लेख किया था कि उन्हें अपने हिसाब से काम करने की स्वतंत्रता मिली है क्योंकि वह टीम को फिर से विश्व ग्रुप में पहुंचाना चाहते हैं। चटर्जी ने भी गैर खिलाड़ी कप्तान की बातों में सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हां वह जो कुछ भी करना चाहता है और उन्होंने जो कुछ भी कहा, निश्चित तौर पर वह महासंघ के संपर्क में रहा है और इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्होंने हमारे साथ हर चीज पर चर्चा की है। यह कोई मसला नहीं है।’ भूपति के इस दावे के बाद कि पेस को बाहर करना उनके एजेंडा में शामिल नहीं था, भारत की तरफ से सर्वाधिक डेविस कप मैच खेलने वाले खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें सीधे तौर पर कभी नहीं बताया गया कि वह अंतिम चार खिलाड़ियों में शामिल नहीं होंगे और उन्हें यह अपमानजनक लगा।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *