Widgetized Section

Go to Admin » Appearance » Widgets » and move Gabfire Widget: Social into that MastheadOverlay zone

बैतूल में दिव्यांग कन्याओं को डोली में बिठाकर की बिदाई

बैतूल।  बैतूल ने इतिहास रच दिया। जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं शहर के समाजसेवी नागरिकों के सहयोग से 114 दिव्यांग जोड़ों ने परिणय मंत्रों के मंगलोच्चारण एवं संगीत की स्वर लहरियों के बीच सात फेरे लिए। विवाह मंडप के नीचे कन्याओं का विधिवत् कन्यादान भी किया गया। इस आयोजन को दिल्ली की संस्था गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड ने अभी तक सबसे ज्यादा दिव्यांग जोड़ों के सामूहिक विवाह के रूप में दर्ज किया। संस्था के रिकार्ड मैनेजर श्री राकेश वैद्य ने इस दौरान वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज होने का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
इस सामूहिक विवाह को लेकर रविवार को पूरे शहर में उत्साह का वातावरण था। सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं एवं गीत मंडलियों ने मंगलगान गाए। नगर के दादावाड़ी मैरिज हाउस में रूके दिव्यांग युवकों की बारात ढोल, बाजे-गाजे एवं आतिशबाजी के साथ विवाह स्थल पुलिस परेड ग्राउण्ड के लिए रवाना हुई। इस दौरान दिव्यांगों के उत्साही परिजन ढोल और ताशों की धुन पर नाचे भी। बारातियों के साथ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नाच कर अपनी खुशी का इजहार किया।
बारात के पुलिस परेड ग्राउण्ड के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सूरजलाल जावरकर, विधायक बैतूल श्री हेमन्त खण्डेलवाल, विधायक घोड़ाडोंगरी श्री मंगलसिंह धुर्वे, विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख, जिला योजना समिति सदस्य श्री जितेन्द्र कपूर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अलकेश आर्य एवं जिला कलेक्टर श्री शशांक मिश्र ने दूल्हों का पुष्पहार से स्वागत कर द्वारचार की रस्म निभाई। तत्पश्चात् सम्मानपूर्वक बारात को पंडाल में लाया गया।
विवाह के कार्यक्रम प्रारंभ करने के पूर्व विधिवत् दीप प्रज्जवलन किया गया। यहां उपस्थित गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विवाह की रस्मों की शुरुआत की गई। जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, समाजसेवी अपने लिए आवंटित दूल्हे की जोड़ी के मंडप में पहुंचे एवं वरमाला व कन्यादान की रस्म पूरी की। वैवाहिक रस्म पूरी करने के बाद अवसर था कन्याओं की बिदाई का, जिसमें न केवल उनके परिजनों की आंखें भीगीं, अपितु जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं समाजसेवियों के चेहरों पर भी बेटी की बिदाई का दर्द स्पष्ट रूप से झलक आया। सभी ने इन कन्याओं की अपने कंधों पर डोली उठाकर भावभीनी बिदाई दी। इस अवसर पर वर या वधू किसी एक के दिव्यांग होने पर 50 हजार रूपए एवं दोनों के दिव्यांग होने पर एक लाख रूपए की शासन से मिलने वाली सहायता राशि के चेक भी इन दंपत्तियों को उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा घर-गृहस्थी के सामान के रूप में दंपत्तियों को बिस्तर, ब्लांकिट, घर-गृहस्थी के बर्तन, पंखा, राशन एवं ट्रॉली बैग सहित डस्टबिन, घड़ी जैसी उपहार सामग्री भी भेंट की गई।
वल्र्ड रिकार्ड का प्रमाण पत्र सौंपा गया
कार्यक्रम के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड संस्था दिल्ली के रिकार्ड मैनेजर श्री राकेश वैद्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सूरजलाल जावरकर, विधायक बैतूल श्री हेमन्त खण्डेलवाल, विधायक घोड़ाडोंगरी श्री मंगलसिंह धुर्वे, विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख, जिला योजना समिति सदस्य श्री जितेन्द्र कपूर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अलकेश आर्य, जिला कलेक्टर श्री शशांक मिश्र एवं पुलिस अधीक्षक श्री राकेश जैन को वल्र्ड रिकार्ड में उपरोक्त आयोजन के दर्ज होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्री वैद्य ने बताया कि इसके पूर्व उज्जैन जिले में 101 दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह होने का रिकार्ड दर्ज था।
अतिथियों ने किया कार्यक्रम को संबोधित
विवाह समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सूरजलाल जावरकर ने अपने संबोधन में सभी दम्पत्तियों को सुखी एवं स्वस्थ रहने की कामना की। विधायक श्री हेमन्त खण्डेलवाल ने सामूहिक विवाह का आयोजन एक पुण्य कार्य निरूपित करते हुए कहा कि नगर के समाजसेवियों का इस आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान रहा है। भविष्य में भी बैतूल इस तरह के सामाजिक आयोजन बढ़-चढक़र करता रहेगा। विधायक घोड़ाडोंगरी श्री मंगलसिंह उइके ने इस कार्यक्रम को जिले की बड़ी उपलब्धि बताया, वहीं जिला योजना समिति के सदस्य श्री जितेन्द्र कपूर ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सभी दिव्यांग जोड़ों को स्वस्थ एवं सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष बैतूल श्री अलकेश आर्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्री हेमन्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इसके पूर्व कलेक्टर श्री शशांक मिश्र ने इस आयोजन में सहयोग देने वाले समस्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया।
दंपत्तियों को पौधे भी प्रदान किए गए
कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग की तरफ से सभी दिव्यांग दंपत्तियों को आंवले एवं मुनगा का एक-एक पौधा भी भेंट किया गया। साथ ही उनसे इन पौधों को अपने घरों में आवश्यक रूप से रोपने का अनुरोध किया गया।
आयोजन में मुख्य रूप से इनका रहा सहयोग
इस आयोजन में मुख्य रूप से न्यू कार्मल कान्वेंट हाईस्कूल मुलताई, मुख्य अभियंता उत्पादन विद्युत विभाग सारनी, लोक निर्माण विभाग (पीआईयू), बस ऑपरेटर संघ, श्रीजी शुगरमिल सोहागपुर, आरएसके कंस्ट्रक्शन, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना, जनरल किराना एवं व्यापारी संघ, अशासकीय शिक्षण संस्थान संघ, गैस एजेंसी संघ, खनिज ठेकेदार संघ, श्री नरेश फाटे उपाध्यक्ष जिला पंचायत, श्री सुधाकर पंवार अध्यक्ष नगर परिषद् बैतूलबाजार, श्रीमती मीनाक्षी किशोर मोहबे अध्यक्ष नगरपालिका सारनी, थोक व्यापारी संघ, दलित संघ, आदिम जाति कल्याण अधिकारी-कर्मचारी संघ, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़), श्री अलकेश आर्य अध्यक्ष नगरपालिका बैतूल, श्री अतीत पंवार अध्यक्ष नागरिक सहकारी बैंक, श्रीमती प्रदीप झोड़ अध्यक्ष नगर पंचायत आठनेर, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था, जल संसाधन विभाग, उप संचालक कृषि, श्री विनोद डागा, डागा फाउंडेशन, सराफा व्यापारी संघ एवं अंजुमन इस्लामिया कमेटी द्वारा विशेष सहयोग दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य श्री डीडी उइके, शिक्षक श्री मनोज शुक्ल एवं श्रीमती कृष्णा हजारे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद् अध्यक्ष भैंसदेही श्री अनिल सिंह ठाकुर, समाजसेवी श्री राजेश आहूजा, विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधि श्री बलवीर सिंह मालवीय, अपर कलेक्टर श्री मूलचंद वर्मा, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक शिक्षा श्री संजीव श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, अधिकारी-कर्मचारी एवं दिव्यांगों के परिजन उपस्थित थे।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *