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संक्रमित त्वचा से नींद आने की गंभीर बीमारी का खतरा

लंदन । एक ताजा शोध में खुलासा किया गया है कि नींद आने की घातक बीमारी त्वचा के द्वारा भी संक्रमित कर सकती है। शोध के अनुसार अप्रâीकी देशों में गंभीर समस्या बन चुकी नींद की यह बीमारी ट्रिपैनोसोम नाम के एक परजीवी से पैâलती है, जिसके संचरण में त्वचा अहम भूमिका निभाती है। समुचित इलाज न होने पर यह बीमारी घातक भी हो सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह निष्कर्ष बीमारी के निदान, इलाज और संभावित उन्मूलन पर बड़ा असर डाल सकता है। इस बीमारी से उप-सहारा अप्रâीकी क्षेत्र में हर साल हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं। यह प्रमुख रूप से मनुष्यों में संक्रमित सी-सी मक्खी के काटने से पैâलता है। इसके संक्रमण का पता खून की जांच से चलता है। शोध में कहा गया है कि ट्रिपैनोसोम्स की बीमारी पैदा करने वाली पर्याप्त मात्रा त्वचा के अंदर मौजूद होती है, जो सीसी मक्खी द्वारा आसानी से पैâल सकती है। ब्रिटेन के ग्लास्गो विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता एंटी मैकलियोर्ड के मुताबिक हमारे नतीजों का नींद की बीमारी के रोकथाम में उपयोग हो सकता है।

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