नई दिल्ली । कड़कड़डूमा अदालत में देश का पहला चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम शुरु किया गया है। उच्चतम न्यायालय के जस्टिस अल्तमस कबीर व दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सिकरी ने बच्चों की गवाही के लिए विशेष रूप से बनाए गए चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम का उद्घाटन किया।
इस मौके पर जस्टिस अल्तमस कबीर ने कहा कि आज के समय मासूमों की गवाही के लिए दूसरों से हटकर एक अलग प्रकार का गवाही के लिए कोर्ट रूम बनाना अपने आप में एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है। बच्चों को ध्यान में रख कर तैयार किया गया चाइल्ड विटनेस रूम काफी अच्छा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजना को आगे बढ़ाना चाहिए। जिससे अन्य जगहों पर इस प्रकार की सुविधा शुरू हो सके। दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सिकरी ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका में चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम एक उल्लेखनीय कदम है। गवाह अदालत के लिए आंख व कान हैं। इस हिसाब से अदालत की यह जिम्मेदारी होती है गवाह को सुरक्षा प्रदान करने के साथ उनको तमाम प्रकार की सहुलियत भी मुहैया कराये जिससे वह बिना बेहिचक के अपनी गवाही अदालत के सामने दे सके। साथ ही अदालत को केस के गवाह के साथ अन्य सभी पहुलओं पर भी गौर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने यह नई पहल कनाडा, जर्मनी व अन्य देशों में चल रहे चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम पर स्टडीज करने के बाद शुरू किया है। कार्यक्रम के दौरान जस्टिस गीता मित्तल ने भी चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम के बारे में तमाम जानकारी दी। जिला न्यायालय कड़कड़डूमा कोर्ट के छठे तल पर कोर्ट नंबर-७७ में बना चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम को बच्चों के हिसाब से तैयार किया गया है। चाइल्ड विटनेस कोर्ट रूम में बच्चों के लिए वेटिंग रूम, पैन्ट्री रूम व विडियो कांप्रâेसिंग रूम बनाया गया है। साथ ही कोर्ट रूम के फर्नीचर व कमरे का कलर अन्य कोर्ट रूम से हट कर तैयार किया गया है। उद्घाटन के मौके पर जस्टिस गीता मित्तल, जस्टिस रीवा खेत्रपाल, जस्टिस जीपी मित्तल, जिला जज सुनीता गुप्ता, जज पीएस तेजी, जज जेआर आर्यन सहित दिल्ली उच्च न्यायालय व जिला न्यायालय के जज सहित अन्य लोग मौजूद थे।