विदेशी कोचों को फायदा मिलेगा : मेरीकाम

मुंबई । लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली एम़सी़ मेरीकाम ने आज कहा कि विदेशी प्रशिक्षकों के रहने से देश की महिला मुक्केबाजों को फायदा जरूर होगा। मैरीकाम का कहना है कि निश्चित तौर पर हमें विदेशी प्रशिक्षकों की जरूरत है। मैंने भारतीय कोचों के साथ कई वर्षों तक अभ्यास किया और ओलंपिक के बाद हमें विदेशी कोचों सभी कुछ सीखने की जरूरत है। ओलंपिक क्वालीफार्इंग राउंड से पहले मैरीकाम विदेशी कोच से प्रशिक्षण लेना चाहती थी लेकिन खेल मंत्रालय ने उनकी यह मांग नामंजूर कर दी थी।
पुरुष मुक्केबाजों को दूसरी तरफ क्यूबा के बी ़आई़ फर्नांडिस से कोचिंग मिल रही हैं जो द्रोणाचार्य पुरस्कार हासिल करने वाले पहले विदेशी कोच हैं। वह पिछले एक दशक से अधिक समय से पुरुष मुक्केबाजों को कोचिंग दे रहे हैं। मेरीकाम ने कहा कि वह २०१६ में रियो डि जेनेरियो में होने वाले ओलंपिक खेलों में भाग लेना चाहती हैं जहां वह एक और पदक जीतने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि यदि ४६ या ४८ किग्रा में बाउट होगी तो मैं निश्चित तौर पर स्वर्ण पदक लेकर आऊंगी। यदि ४६ से ४८ किग्रा नहीं होते हैं तब भी मैं ५१ किग्रा में अपने पदक का रंग बदलने की कोशिश करूंगी।

ये विडियो भी देखें

यह समाचार/आलेख शेयर करें

DeliciousDiggGoogleStumbleuponRedditTechnoratiYahooBloggerMyspace

इस समाचार/आलेख पर अपनी राय अवश्य दें...