फिल्म समीक्षा : राज ३

करीब दस साल बाद भट्ट वैंâप ने जब ‘राज’ का नया सीक्वल बनाने की सोची, तब उन्हें डायरेक्टर विक्रम भट्ट की याद आई। दरअसल, भट्ट वैंâप ने वंâगना राणावत और अध्ययन सुमन के साथ ‘राज’ का सेवंâड पार्ट बनाया था, जो बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा धमाल नहीं मचा पाई थी। विक्रम ने इस सीक्वल को थ्री डी में बनाने की डील के साथ इस प्रॉजेक्ट पर काम शुरू किया। फिल्म में थ्री डी का इस्तेमाल दर्शकों को डराने में कुछ हद तक कामयाब रहा है। इस बार न जाने क्यों विक्रम ने बिपाशा और ईशा गुप्ता की हॉट ब्यूटी को वैâमरे के सामने जमकर परोसा है। वैसे, अगर ाqस्क्रप्ट की डिमांड की बात करें तो इमरान के साथ बिपाशा और ईशा पर फिल्माए गए लंबे लिप टु लिप किस और लव मेिंकग सीन्स की कहीं डिमांड नहीं थी।

कहानी: शान्या शेखर (बिपाशा बसु) एक कामयाब फिल्म ऐक्ट्रेस है। कामयाब फिल्म डायरेक्टर आदित्य अरोड़ा (इमरान हाशमी) के साथ शान्या का तीन साल से अपेâयर है, लेकिन अपने करियर को तवज्जो देने वाली शान्या उससे शादी करने को राजी नहीं है। इस बीच ग्लैमर इंडस्ट्री में संजना (ईशा गुप्ता) की एंट्री होती है। अब बॉक्स ऑफिस पर संजना की फिल्में हिट होने लगी हैं। ऐसे में जब बेस्ट ऐक्ट्रेस का अवॉर्ड शान्या के बजाय संजना को मिलता है, तो शान्या किसी भी सूरत में अपना खोया हुआ मुकाम हासिल करने और संजना को बर्बाद करने पर तुल जाती है। शान्या इस मकसद में अपने बॉयप्रेंâड आदित्य को शामिल करती है। शान्या अपनी खोई कामयाबी और संजना की बर्बादी के लिए काला जादू का सहारा लेती है।

डायरेक्शन : विक्रम इंटरवल तक दर्शकों को कहानी और किरदारों के साथ बांधकर रखने में पूरी तरह से कामयाब रहे। इंटरवल के बाद ाqस्क्रप्ट और किरदारों पर ध्यान देने के बजाय उन्होंने थ्री डी सीन्स को ज्यादा असरदार बनाने पर ध्यान फोकस किया।

ऐिंक्टग: अगर बिपाशा बसु को ही फिल्म का हीरो, हिरोइन और विलेन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। बिपाशा की बेहतरीन ऐिंक्टग के सामने ईशा गुप्ता कहीं अपनी पहचान नहीं छोड़ पाती। ईशा की किस्मत अच्छी रही जो फिल्म में बिपाशा के साथ उसके ज्यादा सीन नहीं आए। इमरान एक बार फिर अपने सीरियल किसर स्टाइल में हैं। मनीष चौधरी अपने रोल में खूब जमे हैं। वहीं, ईशा को इंडस्ट्री में टिकने के लिए अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।

संगीत : आमतौर पर इमरान की फिल्मों का म्यूजिक फिल्म का प्लस पॉइंट रहता है, लेकिन इस फिल्म के संगीत में वो बात नहीं। इमरान पर फिल्माया ‘रफ्ता रफ्ता हो गई िंजदगी’ कई म्यू़िजक चार्ट में टॉप पर है।

क्यों देखें : बिपाशा की गजब ऐिंक्टग और बेहतरीन थ्री डी तकनीक में फिल्माए कुछ सीन जो आपको डराने का दम रखते हैं। दूसरी तरफ, साफ सुथरी और एंटरटेनमेंट की चाह में थिएटर जाने वाली क्लास का इस ‘एडल्ट’ फिल्म से दूर रहना बेहतर है।

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